उधमसिंह नगर
गदरपुर-बाजपुर में एमबीबीएस फर्जी प्रमाणपत्र मामले पर बड़ा एक्शन, पटवारी और लेखपाल निलंबित
एमबीबीएस दाखिले में फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने और सत्यापन में लापरवाही बरतने पर बाजपुर के पटवारी और गदरपुर के लेखपाल को प्रशासन ने निलंबित कर दिया है।
रुद्रपुर। बाजपुर और गदरपुर क्षेत्र में एमबीबीएस (MBBS) दाखिले के लिए फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर रिपोर्ट लगाने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। दस्तावेजों के सत्यापन में गंभीर लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने त्वरित संज्ञान लिया। इस कार्रवाई के तहत बाजपुर तहसील के राजस्व उपनिरीक्षक (पटवारी) और गदरपुर तहसील के लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बाजपुर की उपजिलाधिकारी (SDM) ऋचा सिंह ने बताया कि प्रकरण सामने आने के बाद संबंधित राजस्व उपनिरीक्षक मो. अजमल से स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि, उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने उत्तराखंड राजस्व उप निरीक्षक सेवा नियमावली-2025 के कड़े प्रावधानों के तहत मो. अजमल को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
वहीं दूसरी ओर, गदरपुर में फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच का जिम्मा लेखपाल सरताज अली के पास था। मामले की शुरुआती जांच में लेखपाल की कार्यप्रणाली और भूमिका में लापरवाही के पुख्ता संकेत मिले। गदरपुर एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निलंबन की संस्तुति जिलाधिकारी को भेजी। इसके बाद ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने आदेश जारी कर लेखपाल सरताज अली को निलंबित कर दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने और कूटरचित दस्तावेजों को सत्यापित करने के खेल में लिप्त किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। दोनों तहसीलों में हुई यह निलंबन कार्रवाई संबंधित जांच रिपोर्टों और विभागीय स्पष्टीकरण के आधार पर अमल में लाई गई है। मेडिकल दाखिलों की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आगे भी दस्तावेजों की गहन जांच जारी रहेगी।
