देहरादून
देहरादून में दर्दनाक हादसा: जनरेटर रूम में दम घुटने से दो इंजीनियरों की मौत
देहरादून के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक इंटरनेट कंपनी के जनरेटर रूम में जहरीली गैस से दम घुटने के कारण दो युवा इंजीनियरों की दर्दनाक मौत हो गई।
देहरादून। पटेलनगर थाना क्षेत्र स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। सिंधु सेंटर में संचालित ईशान नेट सोल प्राइवेट लिमिटेड नामक इंटरनेट कंपनी के दो युवा इंजीनियरों की जनरेटर रूम में दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान 29 वर्षीय रोहित सिंह और लव कुश के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से कंपनी परिसर और दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों कर्मचारी मंगलवार देर रात ऑफिस में इंटरनेट मेंटेनेंस का काम कर रहे थे। बिजली कटौती होने के बाद उन्होंने जनरेटर चालू किया और बाद में उसी बंद जनरेटर रूम में सो गए। कमरे में पर्याप्त हवा का आवागमन नहीं था। रातभर जनरेटर चलने के कारण कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड और जहरीला धुआं ठसाठस भर गया, जिससे दोनों अचेत हो गए।
अगली सुबह जब सीनियर अधिकारियों ने उन्हें फोन किया, तो कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका होने पर एक साथी कर्मचारी को मौके पर भेजा गया। उसने जब दरवाजा खोला तो दोनों बदहवास स्थिति में पड़े हुए थे। आनन-फानन में दोनों को नजदीकी अस्पताल भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में मौत का कारण ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस की चपेट में आना बताया गया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, बंद कमरे में जनरेटर या ईंधन से चलने वाले उपकरण चलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड बनती है। यह गैस बिना गंध की होती है, जिससे सोते हुए व्यक्ति का दम घुट जाता है।
यह हादसा बंद कमरों में ईंधन चालित उपकरण चलाने की लापरवाही को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जनरेटर या हीटर हमेशा खुले और हवादार स्थानों पर ही चलाए जाने चाहिए। पुलिस प्रशासन ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
