देहरादून
देहरादून MES में करोड़ों की हेराफेरी: CBI ने 2 अधिकारियों समेत 6 पर किया केस
देहरादून के एमईएस में आउटसोर्स कर्मचारियों के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। सीबीआई ने 18.43 लाख रुपये के घोटाले में 2 अधिकारियों सहित 6 पर केस दर्ज किया।
देहरादून। रायपुर रोड स्थित रक्षा मंत्रालय की सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (एमईएस) में आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) देहरादून द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग का पर्दाफाश हुआ है। इस पूरे फर्जीवाड़े में सीबीआई ने एमईएस के दो अधिकारियों समेत कुल छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सीबीआई की जांच के मुताबिक, एमईएस के गारिसन इंजीनियर और इंस्ट्रूमेंट्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (आईआरडीई) परिसर में संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया था। जांच में जेम (GeM) पोर्टल के जरिए हुए तीन अलग-अलग अनुबंधों में बड़ी गड़बड़ी पाई गई। ऐसे कई कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज कर भुगतान पास कराया गया, जो कभी काम करने पहुंचे ही नहीं थे।
विस्तृत जांच में पता चला कि एचआर एंटरप्राइजेज, कनिष्का ग्लोबल सर्विसेज और एयरस्टैक इंडिया के अनुबंधों में तय संख्या से कम कर्मचारी तैनात थे। इसके बावजूद एमईएस के सहायक गैरीसन इंजीनियर साकेत कुमार और जूनियर इंजीनियर वीरेंद्र सिंह रावत ने फर्जी उपस्थिति रजिस्टर तैयार किया। अधिकारियों की इस मिलीभगत से सरकार को लगभग 18.43 लाख रुपये की वित्तीय क्षति पहुंची है।
इस मामले में सीबीआई ने साकेत कुमार (असिस्टेंट गारिसन इंजीनियर), वीरेंद्र सिंह रावत (जेई), बालकृष्ण छेत्री और तीन ठेकेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस और सीबीआई अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
