अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
मुजफ्फरनगर कांड के शहीदों को अल्मोड़ा में श्रद्धांजलि, दोषियों की सजा की मांग
अल्मोड़ा के गांधी पार्क में मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहा कांड के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने दोषियों को सजा न मिलने पर चिंता जताई।
अल्मोड़ा। गांधी जयंती के अवसर पर अल्मोड़ा स्थित गांधी पार्क में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, उत्तराखंड लोक वाहिनी और उत्तराखंड छात्र संगठन के संयुक्त तत्वावधान में एक श्रद्धांजलि सभा व धरना आयोजित किया गया। इस दौरान रामपुर तिराहा मुजफ्फरनगर कांड के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। घटना के तीन दशक बाद भी दोषियों को सजा न मिलने पर विभिन्न संगठनों ने गहरी चिंता व्यक्त की।

सभा में शहीद अशोक कुमार, गिरीश भद्री, राजेश लखेरा, राजेश नेगी, रविंद्र रावत, सतेंद्र चौहान और सूर्यप्रकाश थपलियाल के बलिदान को याद किया गया। वक्ताओं ने रामपुर तिराहा कांड को उत्तराखंड राज्य आंदोलन का एक काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों पर गोलीकांड, दमन और महिलाओं के साथ हुई हिंसा के दोषियों की जवाबदेही तय न होना हमारी न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के संयोजक पीसी तिवारी ने कहा कि जिन सपनों के लिए उत्तराखंड राज्य आंदोलन लड़ा गया था, वे आज भी अधूरे हैं। राज्य बनने के बाद भी पलायन, बेरोजगारी और ठेका व्यवस्था जैसी समस्याएं विकराल रूप ले चुकी हैं। उत्तराखंड लोक वाहिनी के वरिष्ठ नेता जगत रौतेला और पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने भी विचार व्यक्त करते हुए दोषियों को कठोर दंड देने की मांग की।
लगभग ढाई घंटे चले इस धरने के अंत में उपस्थित सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शहीदों को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। शोभन सिंह जीना विश्वविद्यालय की छात्र नेता सीता चम्याल और युवा नेता अजयमित्र सिंह बिष्ट ने युवाओं से राज्य के मूल सवालों और रोजगार के मुद्दों को लेकर जनसंघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया।
