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अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

अल्मोड़ा में इनके धरने को 4900 दिन पूरे, आखिर क्या है मांग, पढ़ें…

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पूर्व में लिए निर्णयों को अमल में लाए सरकार: ब्रह्मानन्द डालाकोटी
अल्मोड़ा
। यहां धरने को 4900 दिन पूरे होने पर गुरिल्ला संगठन ने सभा की। सभा में वक्ताओं ने कहा कि गुरिल्लों के 17 वर्षो से चल रहे आंदोलन के दौरान जहां केन्द्र सरकार ने गुरिल्ला प्रतिनिधियों से कई बार वार्ता कर, उनको नियुक्ति का आश्वासन दिया, वहीं एस एस बी महानिदेशक से समायोजन प्रस्ताव भी तैयार करवाया। 2015 में एस एस बी ने गुरिल्लों का भौतिक सत्यापन भी करवाया लेकिन उसके बाद वर्तमान भाजपा सरकार ने चुप्पी साध ली।
गुरिल्ला संगठन के अध्यक्ष ब्रह्मानन्द डालाकोटी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने भी गुरिल्लों को समायोजित करने के लिए स्वैच्छिक आपदा प्रबंधन बल बनाने, लोक निर्माण विभाग में मेट एवं बेलदार पदों व कृषि सहायक पदों में नियुक्ति के शासनादेश जारी तो किये पर स्वैच्छिक आपदा प्रबंधन बल का गठन आज तक नहीं हुआ। लोक निर्माण विभाग ने भी सड़कों के रख हेतु मेट बेलदार रखने में अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई।कृषि सहायक पदों में कहीं कहीं कुछ नियुक्तियां हुई हैं। जो गुरिल्लों की संख्या को देखते हुए ना के बराबर हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जंगलों की सुरक्षा हेतु, स्टेट इको टास्क फोर्स बनाने का निर्णय तो लिया, लेकिन अभी तक वन विभाग कोई ठोस प्रस्ताव तैयार नहीं कर सका। इसी तरह गुरिल्लों को होम गार्ड में भर्ती करने,पी आर डी के माध्यम से विभिन्न विभागों में नियुक्त करने जैसे उच्च स्तरीय निर्णयों पर भी कार्यवाही नहीं हुई है। आपदा प्रबंधन तथा वन विभाग की कैम्पा योजना में 100-100गुरिल्लों को तत्काल नियुक्ति के निर्णयों पर भी विभागों ने अमल नहीं किया।
इसलिए आज गुरिल्लों ने डांक द्वारा प्रधानमंत्री एवं मुख्य मंत्री उत्तराखंड को ज्ञापन प्रेषित कर, गुरिल्लों के संबंध में पूर्व में लिए गये निर्णयों पर शीघ्र कार्यवाही की मांग की।
बैठक में शिवराज बनौला, धीरज जोशी,गंगा सिंह,रेखा आर्या,आनंदी महरा,दीपा शाह भानु पांडे ललित मोहन समेत कई लोग मौजूद रहे।

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