Connect with us

हल्द्वानी

काठगोदाम में यूपी पुलिस की वर्दी पहनकर ठगी करने वाला गिरफ्तार

Published

on

खबर शेयर करें 👉

हल्द्वानी। काठगोदाम स्थित कृष्णा विहार कॉलोनी में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने यूपी पुलिस की वर्दी पहनकर एक परिवार को एक साल तक गुमराह किया। शक होने पर परिवार ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पूछताछ में पता चला कि वह एक साधारण परचून दुकानदार था।


क्या है पूरा मामला?
कृष्णा विहार कॉलोनी में रहने वाले एक व्यक्ति ने रविवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके भाई की पत्नी एक व्यक्ति को अपना रिश्तेदार बताती थी। यह व्यक्ति पिछले एक साल से घर पर आता-जाता रहा है। शक होने पर जब उन्होंने उससे बात की तो वह बहस करने लगा और धमकी देने लगा।
पुलिस ने खोली असलियत
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी ने खुद को यूपी पुलिस का जवान बताते हुए फर्जी परिचय पत्र दिखाया। लेकिन पुलिस ने उसकी बातों पर विश्वास नहीं किया और उससे कई सवाल पूछे। आरोपी के जवाबों से साफ हो गया कि वह झूठ बोल रहा है।
आधार कार्ड से खुली पोल
पुलिस ने आरोपी के आधार कार्ड की जांच की और पाया कि वह यूपी के मिर्जापुर का रहने वाला है और वहां परचून की दुकान चलाता है। मिर्जापुर पुलिस से संपर्क करने पर पता चला कि आरोपी अक्सर हल्द्वानी आता जाता रहता है।
क्यों पहनता था वर्दी?
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी यूपी पुलिस की वर्दी पहनकर भारी आवाज में बोलता था, जिससे लोग उस पर विश्वास कर लेते थे। उसने महिला के पति और सास के बीमार होने का फायदा उठाया और उन्हें गुमराह किया।
क्या है आरोप?
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कूटरचित वर्दी, फर्जी पहचान पत्र रखने, पुलिस के नाम पर धोखाधड़ी करने और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
कहां हुआ गिरफ्तार?
यह घटना काठगोदाम स्थित कृष्णा विहार कॉलोनी में हुई। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
यह मामला क्यों है महत्वपूर्ण?
यह मामला हमें सिखाता है कि हमें किसी भी अजनबी पर आसानी से विश्वास नहीं करना चाहिए, खासकर अगर वह कोई सरकारी पद पर होने का दावा करता हो। हमें हमेशा दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए और किसी भी संदेह की स्थिति में पुलिस से संपर्क करना चाहिए।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement