नई दिल्ली
नाक में फंसी बैटरी निकाल बच्चे की जान बचाई: चंपावत जिला अस्पताल में दूरबीन विधि से सफल ऑपरेशन
चंपावत। जिला अस्पताल में एक ढाई वर्षीय बच्चे की जान बचाने के लिए चिकित्सकों ने बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया। बच्चे की नाक में फंसी हाथ की घड़ी की बटन बैटरी को दूरबीन विधि (एंडोस्कोपी) से निकाला गया। यह ऑपरेशन अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र चौहान की टीम ने किया, जो एक घंटे से अधिक समय तक चला।
डॉ. चौहान ने बताया कि बच्चा मंच तामली क्षेत्र के एक दूरस्थ गांव से 9 जुलाई को अस्पताल लाया गया था। परिजनों के अनुसार, उसने खेलते समय बैटरी नाक में डाल ली थी। देरी से अस्पताल पहुंचने के कारण बैटरी से नाक की त्वचा को नुकसान हो चुका था, जिससे यह एक गंभीर चिकित्सा आपातस्थिति बन गई थी।
तत्काल ऑपरेशन कर बैटरी सफलतापूर्वक निकाल ली गई। फिलहाल बच्चे की स्थिति सामान्य है और उसे घर भेज दिया गया है।
डॉ. चौहान ने परिजनों को चेतावनी दी कि बच्चों के खिलौनों, बैटरियों और अन्य छोटी वस्तुओं को उनसे दूर रखें। उन्होंने कहा कि बटन बैटरी जैसी वस्तु यदि नाक में फंस जाए तो यह ऊतकों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है और बच्चे को सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। छोटी-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
