हल्द्वानी
किसान आत्महत्या मामला: SSP की बड़ी कार्रवाई, थानेदार समेत 2 सस्पेंड और 10 लाइन हाजिर
हल्द्वानी किसान आत्महत्या मामले में एसएसपी उधम सिंह नगर का कड़ा एक्शन। आईटीआई थानाध्यक्ष और चौकी इंचार्ज समेत 12 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज। निष्पक्ष जांच के आदेश।
रुद्रपुर/हल्द्वानी: ऊधमसिंह नगर के काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रताड़ना के गंभीर आरोपों और घोर लापरवाही को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ऊधमसिंह नगर ने कड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी ने आईटीआई कोतवाली के थानाध्यक्ष समेत 12 पुलिसकर्मियों पर तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
इस मामले में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आईटीआई के थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक कुन्दन सिंह रौतेला और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। इन अधिकारियों पर कर्तव्यों के प्रति उदासीनता और लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप हैं। निलंबन अवधि के दौरान दोनों को पुलिस लाइन्स में रहने के निर्देश दिए गए हैं और उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
कार्रवाई यहीं नहीं रुकी, एसएसपी ने पैगा चौकी के प्रभारी जितेन्द्र कुमार समेत कुल 10 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। इन सभी को रुद्रपुर पुलिस लाइन्स में आमद करने के आदेश दिए गए हैं। लाइन हाजिर होने वालों में अपर उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी और आरक्षी स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। एक साथ इतने बड़े स्तर पर हुई कार्रवाई से विभाग में हड़कंप व्याप्त है।
मामले की विस्तृत और तथ्यात्मक जांच के लिए एसपी क्राइम (SP Crime) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें एक निश्चित समयसीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस प्रकरण में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। सरकार और प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी स्तर पर दोष सिद्ध होने पर सख्त सजा दी जाएगी।
मृतक सुखवंत सिंह के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद यह मामला काफी गरमा गया था। एसएसपी ऊधमसिंह नगर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जनता के प्रति पुलिस की जवाबदेही सर्वोपरि है। किसी भी कर्मचारी की लापरवाही या दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सभी की नजरें एसपी क्राइम की रिपोर्ट और मजिस्ट्रेट जांच के परिणामों पर टिकी हैं।
