उत्तराखण्ड
धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला: ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 को मंजूरी और व्यावसायिक जल उपयोग पर लगेगा शुल्क
उत्तराखंड कैबिनेट ने ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 को मंजूरी दी। अजीत पवार के निधन पर जताया शोक। जल शुल्क और जमीन खरीद पर हुए बड़े फैसले।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से जुड़े 8 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक की शुरुआत में कैबिनेट ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय उत्तराखंड हाइड्रोजन नीति 2026 को मंजूरी देना रहा। राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके तहत दी जाने वाली सब्सिडी पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति अंतिम निर्णय लेगी, जिससे प्रदेश में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।
राजस्व और संसाधन प्रबंधन को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। अब औद्योगिक इकाइयों और आवासीय सोसायटियों में भूमिगत जल के व्यावसायिक इस्तेमाल पर जल मूल्य प्रभार देना होगा। इसके अलावा, सरकार ने भूमि अधिग्रहण की जटिलता को कम करते हुए अब सीधे जमीन मालिकों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि खरीदने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है।
स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। 5 साल की सेवा पूरी कर चुके स्वास्थ्य कार्यकर्ता अब आपसी सहमति से जनपद तबादला ले सकेंगे। वहीं, शिक्षा क्षेत्र में ‘उत्तराखंड निजी विवि अधिनियम’ में संशोधन के साथ जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। रक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी को संयुक्त रूप से रक्षा मंत्रालय को सौंपने पर सहमति बनी है।
