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उत्तराखण्ड

अब ड्राइविंग के समय बेवजह हाईबीम लाइट का इस्तेमाल करने वाले चालकों का होगा चालान

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देहरादून। ड्राइविंग के समय बेवजह हाईबीम लाइट का इस्तेमाल करने वाले चालकों का अब चालान कटेगा। परिवहन विभाग के अफसरों का मानना है कि हाईबीम लाइटें कई बार सड़क हादसे की वजह बनती हैं। सिंगल लेन सड़क पर इसका प्रयोग सबसे ज्यादा खतरनाक होता है।
सभी श्रेणी के वाहनों में हाई-लो बीम लाइटें होती हैं। लेकिन, ज्यादातर वाहन चालक हाईबीम लाइट का प्रयोग करते हैं। सिंगल लेन सड़क पर भी इसका प्रयोग किया जा रहा है। सामने से आ रहे वाहन चालक की आंखों पर सीधी रोशनी पड़ने से अक्सर हादसा हो जाता है। आरटीओ (प्रवर्तन) शैलेश तिवारी ने बताया कि देहरादून संभाग में पहली बार हाईबीम लाइट पर कार्रवाई की तैयारी है। जो लोग बेवजह हाईबीम लाइट में ड्राइविंग करते हैं, उनका चालान किया जाएगा। इससे पहले ड्राइवरों को जागरूक किया जाएगा। जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है।
कहां किया जा सकता है हाईबीम का प्रयोग
हाईबीम लाइट का प्रयोग खड़ी चढ़ाई वाली सड़कों पर किया जा सकता है। साथ ही, इसे हाईवे पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। नेशनल हाईवे पर कम विजिबिलिटी और दूसरी लेन होने के चलते सामने से आ रही गाड़ी पर इसका उतना असर नहीं पड़ता है। हालांकि, सामने वाली कार या गाड़ी को किसी तरह की परेशानी होने पर वे डिपर के जरिए आपको हाईबीम हटाने का संकेत दे सकता है। हाईबीम का प्रयोग साइड मांगने के लिए किया जाता है।

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