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देहरादून

आरटीआई के 20 साल: मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को किया सम्मानित

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आरटीआई अधिनियम के 20 वर्ष पूरे होने पर लोक सूचना और अपीलीय अधिकारियों को सम्मानित किया। पढ़ें पारदर्शी शासन पर सीएम का संबोधन।

देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में आरटीआई अधिनियम के 20 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने सूचना का अधिकार कानून के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले 5 लोक सूचना अधिकारियों और 5 अपीलीय अधिकारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आरटीआई अधिनियम भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है और पारदर्शी शासन व्यवस्था की आधारशिला है।
सम्मानित होने वाले अधिकारियों में बागेश्वर की जिलाधिकारी श्रीमती आकांक्षा कोंडे, देहरादून के सीडीओ श्री अभिनव शाह और टिहरी के एसएसपी श्री आयुष अग्रवाल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अधिकारियों ने नागरिक अधिकारों की रक्षा में सराहनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि राज्य सूचना आयोग में अब तक 13 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकसित हुई नई कार्यसंस्कृति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस, ई-ऑफिस और जन-सुनवाई जैसे माध्यमों ने शासन और जनता के बीच के संबंधों को मजबूत किया है। सीएम ने आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल और हाइब्रिड सुनवाई व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे न्याय प्रक्रिया को सुलभ बनाने वाला कदम बताया। वर्तमान में आयोग के पास केवल 700 प्रकरण लंबित हैं, जो विभाग की कार्यक्षमता को दर्शाता है।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने आरटीआई के दुरुपयोग पर चिंता भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस कानून का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए और इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए जन-जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। सीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे बार-बार मांगी जाने वाली सूचनाओं को स्वतः अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करें। इससे न केवल नागरिकों को सुविधा होगी, बल्कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
अंत में, मुख्यमंत्री ने सभी कर्मचारियों से निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य सूचना आयुक्त श्रीमती राधा रतूड़ी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य अब राज्य की अधिकांश सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराकर प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पूर्ण डिजिटलीकरण करना है। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और सुशासन का सपना साकार होगा।

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