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उत्तराखण्ड

पुरोला की घटना के विरोध में चिन्यालीसौड़ और डुंडा बाजार रहा बंद, जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया

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बाहरी एवं समुदाय विशेष के व्यापारियों को स्थानीय बाजारों में दुकानें खाली कर जाने की चेतावनी

चिन्यालीसौड़। पुरोला में नाबालिग को भगाने की घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है। गुस्साए व्यापारियों व विभिन्न हिंदू संगठन के लोगों ने मंगलवार को चिन्यालीसौड़ और डुंडा बाजार बंद रखते हुए जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। तहसीलदार के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजकर बाहरी लोगों पर नकेल कसने की मांग रखी।
पुरोला में बीती 26 मई को एक विशेष समुदाय के व्यक्ति द्वारा नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने का मामला सामने आया। जिसके बाद से व्यापारी और हिंदू संगठन के लोग आक्रोशित हैं। ऐसी घटना फिर से न हो, इसके लिए चिन्यालीसौड़ में हिंदू जागृति संगठन, व्यापारियों समेत अनेक छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया है। मंगलवार सुबह चिन्यालीसौड़ के पांच व्यापार मंडल इकाई के व्यापारियों सहित विभिन्न संगठनों के लोग टैक्सी स्टैंड चिन्याली में एकत्रित हुए। जहां से जुलूस निकालकर पीपलमंडी बाजार होते हुए श्यामपुर के देवी मंदिर से सुलीठांग होकर तहसील परिसर पहुंचे। इस दौरान सड़कों पर जय श्रीराम के नारों की गूंज भी खूब सुनाई दी। तहसील परिसर में जुलूस आम सभा में तब्दील हुई। वक्ताओं ने कहा कि बाहरी लोग पहाड़ की शांत माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। बाहरी लोगों को दुकान किराए पर नहीं देने से पुरोला जैसी घटनाएं थम सकती हैं। व्यापार मंडल पदाधिकारी अमित सकलानी ने कहा कि गढ़वाल में कई ऐसे स्थान है, जहां के बाजार धर्म विशेष के बाहरी लोगों से पटे हैं। मकान और दुकानों में बाहर के लोग हैं। आए दिन रोज नए लोग इन जगहों पर दिखते हैं। जिनका सत्यापन होना जरूरी है। डुंडा बाजार में भी व्यापारियों ने प्रदर्शन कर दोपहर एक बजे तक प्रतिष्ठान बंद रखे।

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