हरिद्वार
हरिद्वार: 13 अप्रैल को जुटेगा स्वतंत्रता सेनानी परिवारों का महाकुंभ, CM धामी होंगे मुख्य अतिथि
हरिद्वार में 13 अप्रैल को स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवार राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा। जलियाँवाला बाग बरसी पर निकलने वाली सम्मान यात्रा में CM पुष्कर सिंह धामी शिरकत करेंगे।
हरिद्वार। आगामी 13 अप्रैल को ‘स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवार राष्ट्रीय सम्मेलन’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति (रजि.) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की जानकारी राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। यह सम्मेलन जलियाँवाला बाग नरसंहार की 107वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर ऋषिकुल राजकीय आयुर्वैदिक कॉलेज के सभागार में आयोजित होगा।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल होंगे। उनके साथ आयुष मंत्री मदन कौशिक और परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा भी विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के ‘2047 तक स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत’ बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए विचार-मंथन करना और नई पीढ़ी को देशभक्ति से जोड़ना है।
कार्यक्रम के दिन प्रातः 9:00 बजे अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क, ज्वालापुर से एक विशाल ‘स्वतंत्रता सेनानी शहीद सम्मान यात्रा’ निकाली जाएगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित इस यात्रा का शुभारंभ करेंगे। यात्रा के दौरान कुमाऊँ की प्रसिद्ध छोलिया नृत्य टोली मुख्य आकर्षण होगी और पूरे मार्ग में स्थानीय नागरिकों द्वारा पुष्प वर्षा की जाएगी। यात्रा का समापन ऋषिकुल कॉलेज परिसर में शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर पुष्पांजलि के साथ होगा।
### दिग्गज स्वतंत्रता सेनानियों की उपस्थिति
इस गौरवमयी अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से शताधिक आयु (100 वर्ष से अधिक) के स्वतंत्रता सेनानी भी पहुँच रहे हैं। इनमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सहयोगी रहे ले. आर. माधवन, 116 वर्षीय स्वामी लेखराज और आनंद सिंह बिष्ट जैसे व्यक्तित्व शामिल होंगे। कार्यक्रम में शिवडेल स्कूल के छात्रों द्वारा राष्ट्रगीत की प्रस्तुति दी जाएगी और सेनानी परिवारों के हितों की रक्षा के लिए सरकार के समक्ष महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे जाएंगे।
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति का यह प्रयास उन वीरों को सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। संगठन का मानना है कि सेनानी परिवार देश निर्माण में सरकार के सहयोगी बनेंगे। इस सम्मेलन के माध्यम से देश भर से आए वंशजों को एकजुट कर राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने का संकल्प लिया जाएगा।
