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उत्तराखण्ड

मुख्य न्यायाधीश से वार्ता कर सुनी ‘मन की बात’

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कमल जगाती

नैनीताल- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’ के सौं वे संस्करण के मौके पर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पी.एम.ने 100 एपिसोड बनाकर एक रिकॉर्ड बनाया और गुमनाम लोगों को बड़ा मंच दिया। उन्होंने पर्यावरण, मातृ शक्ति सम्मान, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ या अन्य अभियानों के माध्यम से लोगों को उठाया। पहाड़ों में पर्यटन बढ़ाने के लिए कई मंदिरों को ‘मंदिर माला मिशन’ के माध्यम से जोड़ा जाएगा।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज सवरे लगभग 9:30 बजे मुक्तेश्वर से हैलीकॉप्टर द्वारा नैनीताल पहुंचे, जिसके बाद वो मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी से मिलने उनके आवास में गए। दोनों के बीच लगभग 15 मिनट बातचीत हुई। मुख्यमंत्री इसके बाद नैनीताल क्लब स्थित शैले कॉटेज पहुंचे। यहां विधायक सरिता आर्या के साथ भाजपा के पदाधिकारी उनसे मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री सवेरे ग्यारह बजे मल्लीताल फ्लैट्स मैदान के बास्केटबॉल कोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ के सौंवे संस्करण में भाग लेने के लिए पहुंचे। यहां सैकड़ों दर्शकों की मौजूदगी में सभी ने प्रधानमंत्री की बातें सुनी।
प्राधानमंत्री ने अपने अभिभाषण में कहा कि श्रोताओं की लाखों चिट्ठियों को पढ़ा, जिसके बाद भावुक हुआ और अपने आप को संभाल भी लिया। मैन की बात देशवासियों की सकारात्मकता का पर्व है जो हर माह आता है और पब्लिक पार्टिसिपेशन को सेलिब्रेट करते हैं। देश के कोने कोने से हर वर्ग के लोग जुड़े हैं। बराक ओबामा के साथ मन की बात विश्व में प्रख्यात हुई थी। पी.एम.ने कहा कि हमारे गुरु कहते थे कि गुणवान के गुणों की तारीफ करनी चाहिए। मन की बात के माध्यम से मैं अपने लोगों से जुड़ा। मन की बात एक आध्यात्मिक यात्रा है, ये अहम से वयम की यात्रा है। कहा कि एक बार देश के सभी हीरो से मिलकर उनसे बात करेंगे। हरयाणा सैल्फी विद डॉक्टर, ग्लोबल कैंपेन में बदल गई, इसमें बेटी और डॉक्टर को प्राथमिकता दी गई थी। आज हरयाणा में जेंडर अनुपात में सुधार आया है और प्रधानमंत्री ने डॉक्टर सुनील से बात की। पी.एम.ने मणिपुर की विजय शांति को कमल पुष्प की टहनी से धागा बनाने की मुहिम में 100 लोगों को रोजगार देने और अमेरिका से आर्डर मिलने के प्रस्ताव पर बोला हम ‘लोकल फ़ॉर वोकल’ कहते थे, लेकिन आपने ‘लोकल फ़ॉर ग्लोबल’ बना दिया। यूनेस्को के डी.जी.ने शुभकामनाओं समेत सवाल पूछे हैं। यूनेस्को और भारत का बहुत पुराना रिश्ता है। भारत मे 2023 में विश्व की सबसे बड़ी जनसंख्या वाले भारत में शिक्षा का स्तर कैसे सुधारे जाएंगे।

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