Connect with us

देहरादून

सुशासन की नई मिसाल: 23 दिनों में 2 लाख नागरिकों तक पहुँची धामी सरकार

Published

on

खबर शेयर करें 👉

उत्तराखंड में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम बना मिसाल। 23 दिनों में 2 लाख नागरिकों की भागीदारी और 16,000 शिकायतों का मौके पर निस्तारण। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शुरू हुआ ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम उत्तराखंड में जनसेवा का सशक्त माध्यम बन गया है। कार्यक्रम के शुरू होने के मात्र 23 दिनों के भीतर ही 2 लाख से अधिक नागरिकों ने इसमें अपनी सहभागिता दर्ज कराई है। प्रदेश के सभी 13 जनपदों में अब तक 300 से अधिक शिविर लगाए जा चुके हैं, जिनका उद्देश्य शासन की सेवाओं को सीधे जनता की चौखट तक पहुँचाना है।
इन शिविरों की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक प्राप्त 22,645 शिकायतों में से 16,000 से अधिक का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया है। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शेष शिकायतों पर भी समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे जनता का सरकार पर भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है।
शिविरों के माध्यम से न केवल शिकायतों का समाधान हो रहा है, बल्कि 1,11,326 नागरिकों को सीधे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिला है। विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए 31,000 से अधिक आवेदन प्राप्त किए गए, जिससे ग्रामीणों को जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है। सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता से जुड़ी योजनाओं को सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि पारदर्शी और जवाबदेह शासन ही लोकतंत्र की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें और त्वरित समाधान निकालें।

Select Language

Advertisement