Connect with us

उत्तराखण्ड

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संगठनों ने किया सचिवालय कूच

Published

on

खबर शेयर करें 👉

आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूरी करने, पेंशन वृद्धि, हिमाचल की तर्ज पर धारा 371 लागू करने की मांग
देहरादून। उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के नेतृत्व में बुधवार को आंदोलनकारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर सचिवालय कूच किया। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूरी करने, पेंशन पट्टा एक समान करने, पेंशन वृद्धि, मूल निवास 1950 से लागू करने और हिमाचल की तर्ज पर धारा 371 लागू करने की मांग की है।
परिषद संरक्षक नवनीत गुसाईं, प्रदेश अध्यक्ष विपुल नौटियाल आदि के नेतृत्व में राज्य आंदोलनकारी परेड ग्राउंड के पास एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए सचिवालय की ओर बढ़ने लगे। सुभाष रोड पर पुलिस मुख्यालय से पहले ही आंदोलनकारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग पर रोक लिया। इससे गुस्साए आंदोलनकारियों ने नारेबाजी तेज कर दी। एक युवक बैरिकेडिंग पर चढ़ा तो पुलिस ने उसे नीचे खींच लिया। कुछ महिलाओं ने भी ऐसा ही करने की कोशिश की। इसके बाद आंदोलनकारी वहीं धरना देने लगे।
आंदोलनकारियों का कहना था कि राज्य बनने के 23 साल बाद भी आंदोलनकारी खुद को ठगा और उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। कई राज्य आंदोलनकारी जो उस दौरान बेहद सक्रिय रहे आज भी चिन्हीकरण का इंतजार कर रहे हैं। पेंशन पट्टा एक समान 15 हजार रुपये किया जाना चाहिए। राज्य में सशक्त भू-कानून जल्द से जल्द लाया जाना चाहिए। साथ ही मूल निवासियों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित करना चाहिए। मूल निवास 1950 के आधार पर लागू करते हुए अस्थाई निवास प्रमाण पत्र व्यवस्था को खत्म किया जाए।
उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार, गणेश डंगवाल, अनुराग भट्ट, जगमोहन रावत, प्रभात डंडरियाल, अमित पंवार, अनुराग भट्ट, धर्मानंद भट्ट, सुशील विरमानी, महिला मंच से कमला पंत, निर्मला बिष्ट, मुन्नी खंडूड़ी, पुष्पलता सिल्माना, जितेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें 👉  सरकार से पूछा-कितने शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच की गई और कितने फर्जी शिक्षक सस्पेंड किए?
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement