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उत्तराखण्ड

दीपावली से पहले छह हजार से अधिक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन के लाभ का तोहफा

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पुरानी पेंशन की शर्त पूरा करने के बाद जारी होंगे आदेश, सरकारी अंशदान का समायोजन
देहरादून। पुरानी पेंशन का लाभ लेने के लिए लंबे समय से हाथ-पांव मार रहे कर्मचारियों को धामी सरकार ने बड़ी राहत दी है। एक अक्टूबर, 2005 से पहले भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित रहे, लेकिन नई पेंशन योजना से आच्छादित किए गए कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिलेगा।
प्रदेश सरकार ने इन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का विकल्प देने के लिए 15 फरवरी, 2024 तक समय सीमा निर्धारित की है। छह हजार से अधिक कर्मचारियों को यह लाभ मिलेगा। वित्त अपर मुख्य सचिव आनंद बद्र्धन ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की। मंत्रिमंडल ने बीती 30 अक्टूबर को इस संबंध में निर्णय लिया था। प्रदेश सरकार ने केंद्र की भांति ही यह कदम उठाया है।
केंद्र सरकार ने तीन मार्च, 2023 को आदेश जारी कर नई पेंशन योजना से आच्छादित अपने कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन योजना का दायरा बढ़ाया है। उत्तराखंड में नई पेंशन योजना एक अक्टूबर, 2005 से लागू की गई। प्रदेश सरकार ने एक अक्टूबर, 2005 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पदों के लिए आवेदन करने और एक अक्टूबर, 2005 को या इसके बाद कार्यभार ग्रहण करने वाले कार्मिकों को पुरानी पेंशन के लिए आवेदन का विकल्प दिया है।
खातों में कार्मिकों के अंशदान का समायोजन वित्त अपर मुख्य सचिव आनंद वद्र्धन के अनुसार 15 फरवरी, 2024 तक विकल्प देने वालों के प्रकरण को नियुक्ति प्राधिकारी के समक्ष रखा जाएगा। पुरानी पेंशन पाने की शर्तों को पूरा करने वाले कार्मिकों के संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए जाएंगे। इसके बाद उनका नई पेंशन योजना का खाता आदेश जारी होने की तिथि से बंद किया जाएगा।
इन कर्मचारियों को सामान्य भविष्य निधि की सदस्यता लेनी होगी। नई पेंशन योजना के अंतर्गत कर्मचारी व राज्य सरकार के अंशदान से निर्मित पेंशन फंड की कुल राशि में से कर्मचारी अंशदान को संबंधित कर्मचारी के सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा किया जाएगा। इस धनराशि पर वर्तमान तिथि तक ब्याज निर्धारित करते हुए खाते का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नई पेंशन प्रणाली के अंतर्गत कर्मचारी व राज्य सरकार के अंशदान से निर्मित पेंशन फंड की कुल राशि में से सरकारी अंशदान को राज्य सरकार के खाते में जमा किया जाएगा। नई पेंशन योजना के तहत कर्मचारी एवं राज्य सरकार के अंशदान से निर्मित पेंशन फंड को निवेश करने पर जो भी बढ़ा हुआ मूल्य प्राप्त होगा, उसे राज्य सरकार के खाते में जमा किया जाएगा।
इस व्यवस्था की लेखांकन प्रक्रिया कोषागार, पेंशन एवं हकदारी निदेशक महालेखाकार के परामर्श से उचित समय पर करेंगे। अपर मुख्य सचिव ने सभी राजकीय विभागों से केस-टू-केस आधार पर परीक्षण कर प्रस्ताव कोषागार, पेंशन एवं हकदारी निदेशक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

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