हरिद्वार
सीएम धामी ने हरिद्वार में किया ‘मशरूम ग्राम’ का शुभारंभ, किसानों की आय होगी दोगुनी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के बुग्गावाला में ‘मशरूम ग्राम’ का उद्घाटन किया। युवाओं और महिलाओं को रोजगार देने और किसानों को समृद्ध बनाने की यह बड़ी पहल है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार जनपद के बुग्गावाला में ‘मशरूम ग्राम’ का विधिवत शुभारंभ किया। एमबी फूड्स द्वारा विकसित इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मशरूम उत्पादन कम भूमि और कम पानी में अधिक मुनाफा देने वाला बेहतरीन उद्यम है। यह पहल किसानों को अतिरिक्त आय अर्जित करने में काफी मददगार साबित होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने जोर देकर कहा कि ‘मशरूम ग्राम’ से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा। इसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मॉडल पूरे उत्तराखंड के लिए एक प्रेरणा बनेगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर किसान आधुनिक खेती की तकनीकों को अपनाकर समृद्ध बने और कृषि आधारित उद्योगों का हिस्सा बने।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तराखंड में किसानों को कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा, तीन लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण और नहरों से मुफ्त सिंचाई जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दी जा रही है।
प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए 200 करोड़ रुपये के बजट से पॉलीहाउस निर्माण की योजना शुरू की है। इसके साथ ही सुगंध फसलों के लिए ‘महक क्रांति’ और मिलेट मिशन जैसे अभियान भी चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनता से सरकार के इन प्रयासों में सहयोग की अपील की। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और विधायक प्रदीप बत्रा सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
निष्कर्षतः, ‘मशरूम ग्राम’ का यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। मुख्यमंत्री के इन प्रयासों से न केवल पलायन पर रोक लगेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में खुशहाली भी आएगी। आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं का संगम आने वाले समय में देवभूमि के किसानों की तकदीर बदलने की क्षमता रखता है।
