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पिथौरागढ़: धारचूला में पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आई जेसीबी, ऑपरेटर की मौत
पिथौरागढ़ के धारचूला में तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर सड़क निर्माण के दौरान बड़ा हादसा। पहाड़ी से गिरे बोल्डर ने ली जेसीबी ऑपरेटर मनीष चुफाल की जान। पढ़ें पूरी खबर।
पिथौरागढ़/धारचूला। जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण तवाघाट-लिपुलेख सड़क मार्ग पर कार्य के दौरान पहाड़ी से गिरे विशालकाय बोल्डर की चपेट में आने से एक युवा जेसीबी ऑपरेटर की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा बुधवार को तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर स्थित मांगती नाले के पास हुआ। यहाँ सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा था। तभी अचानक ऊपर पहाड़ी दरकने लगी और एक भारी-भरकम बोल्डर सीधे कार्य में जुटी जेसीबी मशीन के ऊपर जा गिरा। बोल्डर इतना विशाल था कि मशीन पूरी तरह दब गई और ऑपरेटर को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान हुपुली गांव निवासी मनीष चुफाल (28) पुत्र राजेंद्र सिंह चुफाल के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुँचीं। बोल्डर और मशीन के बीच फंसे शव को निकालने के लिए टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मनीष अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी।
दुखद पहलू यह भी है कि मनीष के परिवार पर यह दूसरा बड़ा वज्रपात है। वर्ष 2013 में उसके छोटे भाई रिंकू की भी घास काटते समय पहाड़ी से गिरने के कारण मौत हो गई थी। अब बड़े बेटे की अचानक मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन ने घटना स्थल का जायजा लेकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क निर्माण के दौरान लगातार गिर रहे बोल्डर मजदूरों और ऑपरेटरों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।
