उत्तराखण्ड
उत्तराखंड MBBS एडमिशन फर्जीवाड़ा: 12 और सीटें निरस्त, SIT ने 2 और आरोपियों को किया गिरफ्तार
उत्तराखंड में फर्जी प्रमाण-पत्रों पर हासिल 12 MBBS सीटें रद्द। HNB चिकित्सा विवि की कार्रवाई के बीच SIT ने 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया। जानिए पूरी खबर।
देहरादून। उत्तराखंड में एमबीबीएस दाखिले में हुए बड़े फर्जीवाड़े को लेकर एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय ने सख्त कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने फर्जी प्रमाण-पत्रों के जरिए हासिल की गई एमबीबीएस की 12 और सीटों का आवंटन सोमवार को निरस्त कर दिया। यह कार्रवाई पहले और दूसरे चरण की काउंसलिंग के दौरान मिली शिकायतों के बाद की गई है। निरस्त की गई सीटों की सूची विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी गई है।
इससे पूर्व भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे के तहत गलत तरीके से आवंटित तीन सीटें रद्द की जा चुकी हैं। ताजा मामले में जिन 12 अभ्यर्थियों का दाखिला निरस्त हुआ है, वे सभी उधम सिंह नगर जिले के निवासी हैं। आरोप है कि इन छात्रों ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), ईडब्ल्यूएस, अनुसूचित जाति और अनाथ श्रेणी के फर्जी दस्तावेज बनवाकर हल्द्वानी, श्रीनगर, हरिद्वार, अल्मोड़ा और दून मेडिकल कॉलेज में सीटें हथियाई थीं। पुलिस-प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी अभ्यर्थियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं।
दूसरी ओर, इस फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसआईटी (SIT) को भी बड़ी सफलता मिली है। एसआईटी ने मामले में साक्ष्य जुटाने के बाद दो और आरोपियों, संजय कुमार और गिरीश सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक देहरादून तहसील परिसर में सुलभ शौचालय का संचालन करता है, जबकि दूसरा मोबाइल-सिम विक्रेता है। इसके साथ ही इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल पांच आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों ने ही फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में मुख्य भूमिका निभाई थी। अब पुलिस इस बिंदु पर गहन जांच कर रही है कि फर्जी प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए तहसील के किन अधिकारियों व कर्मचारियों की संलिप्तता थी। इस मामले में दोषी पाए गए पटवारियों पर भी विभागीय कार्रवाई की गई है। निरस्त की गई इन सभी सीटों को आगे होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए रिक्त घोषित कर दिया गया है।
