Connect with us

देहरादून

पति से झगड़े के बाद ऋषिकेश में गृहिणी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, दो बच्चों को स्कूल भेजकर दी जान!

Published

on

खबर शेयर करें 👉

ऋषिकेश के गणेश विहार में विवाहित महिला श्वेता (40) ने बच्चों को स्कूल भेजने के बाद पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। बुधवार रात पति से कहासुनी हुई थी। पुलिस जांच में जुटी है। मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी।

ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गंगानगर स्थित गणेश विहार कॉलोनी में बृहस्पतिवार की सुबह एक विवाहित महिला ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतका की पहचान 40 वर्षीय श्वेता के रूप में हुई है, जो अपने पति और दो बच्चों (एक बेटा और एक बेटी) के साथ रहती थीं। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

बच्चों को स्कूल भेजने के बाद उठाया भयानक कदम
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बताया जा रहा है कि बुधवार की रात श्वेता की उनके पति के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी कलह के चलते बृहस्पतिवार की सुबह लगभग 7:30 बजे उन्होंने यह भयानक कदम उठा लिया। बच्चों को स्कूल भेजने के तुरंत बाद, श्वेता ने घर के कमरे में पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली। उनके पति कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं, जबकि श्वेता एक गृहिणी थीं और घर पर अचार बनाने का काम भी करती थीं।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी रेरा का मामला पहुंचा मुख्यमंत्री दरबार, पढ़े आदेश

पुलिस ने शव कब्जे में लिया, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत गणेश विहार कॉलोनी पहुँची। पुलिस ने कानूनी औपचारिकता पूरी करने के लिए शव को पंखे से नीचे उतारा। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस वर्तमान में पति और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ कर आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तरकाशी में शिव मंदिर के निकट गंगाजल भरने के दौरान महिला और एक युवती भागीरथी नदी के तेज बहाव में बहे

बढ़ते घरेलू कलह और मानसिक स्वास्थ्य का सवाल
यह दुखद घटना एक बार फिर से घरेलू कलह और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता को दर्शाती है। पारिवारिक झगड़े, अवसाद और तनाव अक्सर लोगों को ऐसे चरम कदम उठाने पर मजबूर कर देते हैं। इस तरह के मामलों को रोकने के लिए समाज और परिवारों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने और संवाद (Communication) को बढ़ावा देने की जरूरत है। भारत में आत्महत्या की बढ़ती दर (Suicide Rate) एक गंभीर चिंता का विषय है जिस पर तुरंत ध्यान देना आवश्यक है।

Select Language

Advertisement