Connect with us

हल्द्वानी

बाजपुर और कोटाबाग में पंचायत चुनाव से पहले अपहरण के आरोप, मुकदमा दर्ज, सियासी घमासान तेज

Published

on

खबर शेयर करें 👉

हल्द्वानी। यूपी सरकार के राज्यमंत्री बलदेव औलख के बेटे गुरकीरत औलख, दामाद जोरावर सिंह भुल्लर और एक अन्य पर बाजपुर के क्षेत्र पंचायत सदस्य नफीस अली के अपहरण का मुकदमा दर्ज होने से सोमवार को उत्तराखंड की सियासत गरमा गई। मामला तब और उलझ गया जब कथित ‘पीड़ित’ नफीस ने वीडियो जारी कर अपहरण की बात को अफवाह बताया और पुलिस पर उनके पिता के उत्पीड़न का आरोप लगाया।

दरअसल, बलदेव औलख की बेटी सुखमन कौर औलख बाजपुर से कांग्रेस समर्थित ब्लॉक प्रमुख की उम्मीदवार हैं। यहां 40 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं, और कांग्रेस-भाजपा में कांटे की टक्कर मानी जा रही है। कांग्रेस का दावा है कि उसके पास 32 सदस्य हैं और इसके समर्थन में एक फोटो भी जारी किया, जिसमें 29 सदस्य नजर आ रहे हैं। नफीस भी इसमें शामिल हैं। वहीं भाजपा ने 30 सदस्य अपने साथ होने का दावा किया है।

यह भी पढ़ें 👉  सुशीला तिवारी अस्पताल गेट के पास पड़ा मिला युवक, ‘शव’ समझकर मची खलबली, फिर अचानक उठ खड़ा हुआ

रविवार रात, नफीस के पिता मोहम्मद रफी ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि 31 जुलाई को गुरकीरत औलख, जोरावर भुल्लर और केलाखेड़ा के पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन हामिद अली ने उनके बेटे को तमंचे के बल पर अगवा कर लिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, लेकिन सोमवार को नफीस ने वीडियो में कहा कि वे अपनी मर्जी से बाहर हैं और सुरक्षित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बीमार पिता को पुलिस ने जबरन हिरासत में लिया है और यदि उन्हें कुछ हुआ तो जिम्मेदारी पुलिस की होगी।

यह भी पढ़ें 👉  भीड़ में एसएसपी संग फोटो खिंचाकर तीतर बन रहे सलमान के हरिद्वार पुलिस ने कतरे पर

उधर, कोटाबाग ब्लॉक में भी सोमवार को अपहरण का एक और मामला सामने आया। यहां छड़ा से निर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य कमल भट्ट, जिन्होंने भाजपा प्रत्याशी को समर्थन दिया था, के अपहरण का आरोप परविंदर सिंह निवासी चकलुवा और संजय बिष्ट निवासी गेबुआ पर लगा है। तहरीर के आधार पर कालाढूंगी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इन दोनों घटनाओं ने पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल और अधिक गर्मा दिया है, जहां हर सीट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़ी टक्कर देखी जा रही है।

Select Language

Advertisement