हल्द्वानी
लद्दाख में हल्द्वानी के युवा कारोबारी की मौत, ऑक्सीजन लेवल गिरने से हुआ हादसा
हल्द्वानी के प्रतिष्ठित बैंक्वेट हॉल स्वामी महेंद्र सिंह नौला की लद्दाख में मौत हो गई। ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण बिगड़ी थी तबीयत।
हल्द्वानी। हल्द्वानी से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। गौलापार क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित युवा कारोबारी की लेह लद्दाख में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक की पहचान देवला तल्ला, गौलापार निवासी 36 वर्षीय महेंद्र सिंह नौला के रूप में हुई है, जो इलाके में एक प्रसिद्ध बैंक्वेट हॉल के मालिक थे। डॉक्टरों के अनुसार, प्रथमदृष्टया मौत की मुख्य वजह अचानक शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम होना बताया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, महेंद्र सिंह नौला बीते 21 मई को अपनी पत्नी मोनिका, दो मासूम बेटियों और पड़ोसी दंपति के साथ छुट्टियां बिताने के लिए लद्दाख रवाना हुए थे। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन 27 मई की शाम को अचानक महेंद्र की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। परिजन उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस दुखद घटना के बाद मृतक का शव वापस हल्द्वानी में उनके गृह क्षेत्र लाया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता दया किशन पांडे ने बताया कि संकट की इस घड़ी में स्थानीय सांसद अजय भट्ट ने पीड़ित परिवार की काफी मदद की है। सांसद के विशेष प्रयासों से शव को विमान के जरिए हल्द्वानी लाने के लिए तुरंत टिकट की व्यवस्था कराई जा सकी। इस अचानक हुए हादसे से मृतक की 8 साल और 4 साल की दो मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
युवा कारोबारी की इस असामयिक मौत से पूरे गौलापार और हल्द्वानी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। शुक्रवार को रानीबाग स्थित पवित्र चित्राशिला घाट पर मृतक का अंतिम संस्कार (अंत्येष्टि) किया जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस घटना के बाद पहाड़ी और ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों पर जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लेह जैसे अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से पहले शरीर को वहां के वातावरण के अनुकूल ढालना बेहद जरूरी होता है।
