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उत्तराखण्ड

विश्व में मछली खाने वालों की संख्या बढ़ने से मत्स्य पालन 42 गुना तक बढ़ा

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10 वर्षों में इसके उत्पादन में लगातार 8-9 प्रतिशत की बढ़ोतरी
पंतनगर।
जीबी पंत कृषि विवि के मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय में मत्स्य विभाग के सहयोग से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। आईसीएआर-शीत जल मात्स्यिकी अनुसंधान निदेशालय भीमताल के निदेशक डाॅ. पीके पांडेय ने अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि मछलियों में ओमेगा-3 पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। विश्व में मत्स्य पालन 40 से 42 गुना तक बढ़ा है।
उन्होंने कहा पिछले 10 वर्षों में इसके उत्पादन में लगातार 8-9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। विश्व में मछली खाने वालों की संख्या लगातार बढ़ने से बाजार में इसकी मांग भी बढ़ी है। इससे किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है। कुलपति डाॅ. एमएस चौहान ने कहा कि मत्स्य पालन में महिलाओं और युवा किसानों का रुझान बढ़ा है। विवि के मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय की ओर से प्रतिवर्ष पांच लाख से अधिक मत्स्य बीज किसानों को वितरित किया जा रहा है। जैव प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सलाहकार डाॅ. अरुण कुमार रावत, डीन डाॅ. मालविका दास ने योजनाओं की जानकारी दी। राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास परिषद हैदराबाद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. एलएन मूर्ति ने ऑनलाइन प्रतिभाग कर अपने विचार रखे। मत्स्य पालक ओमपाल कश्यप ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में प्रदेश के 550 मत्स्य पालकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रदर्शनी में 20 संस्थानों ने अपनी विकसित तकनीकों का प्रदर्शन किया।

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