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हल्द्वानी में अब ‘बारात बैन’! SSP का सख्त फरमान: 200 मीटर से लंबी बारात नहीं, हाई-बेस डीजे पर लगा ताला

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सहालग सीजन में हल्द्वानी के जाम से निपटने के लिए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कड़े निर्देश दिए हैं। अब बारात की लंबाई 200 मीटर तक सीमित, हाई-बेस डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित और रात 10 बजे के बाद डीजे पर पूर्ण बैन। जानें नए नियमों के खास बिंदु।

हल्द्वानी। सहालग सीजन शुरू होते ही उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में यातायात जाम की समस्या विकराल रूप ले लेती है। इससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस गंभीर समस्या से निजात पाने के लिए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बुधवार को सख्त कदम उठाते हुए बारात आयोजनों के लिए नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बारात और लाइटिंग पर लगे नए प्रतिबंध
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि अब सभी वेडिंग पॉइंट, बैंक्वेट हॉल और अन्य वेडिंग आयोजनों पर पुलिस विशेष निगरानी रखेगी। नए नियम के तहत, बारात घर या वेडिंग वेन्यू के गेट से बारात की अधिकतम लंबाई 200 मीटर तक ही सीमित रखी जाएगी। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि बारात सड़कों पर ज्यादा देर तक न रुके और यातायात प्रभावित न हो। इसके अलावा, बारात में उपयोग होने वाले बड़े लाइटिंग झालरों को भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। केवल हाथ से पकड़कर चलाए जाने वाले छोटे लाइटिंग झालरों के लिए ही अनुमति लेनी होगी।
हाई-बेस डीजे और रात 10 बजे की सीमा
पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण और आम जनता की परेशानी को देखते हुए एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। शादी समारोहों में सड़कों पर बजने वाले हाई-बेस बड़े-बड़े डीजे का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय जनता, बुजुर्गों की शांति और बच्चों की पढ़ाई में बाधा को देखते हुए रात 10 बजे के बाद डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध ध्वनि प्रदूषण के नियमों का सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगाया गया है।
प्रशासन का कड़ा रुख और अनुपालन की जिम्मेदारी
एसएसपी ने साफ कर दिया है कि इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने निर्देशों का अनुपालन कराने का उत्तरदायित्व स्थानीय थाना और चौकी प्रभारियों को सौंपा है। यह कार्रवाई बताती है कि पुलिस सहालग सीजन में जाम की समस्या को लेकर कितनी गंभीर है। इन कड़े कदमों से उम्मीद है कि हल्द्वानी की सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को जाम से राहत मिलेगी।

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