Report by : CWN Desk
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भीमताल-धारी मोटर मार्ग पर रूट डायवर्ट, 10 जून तक बदला रहेगा ट्रैफिक प्लान

अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित क्वारब क्षेत्र में भू-स्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया है। पढ़ें नए रूट की पूरी जानकारी।

अल्मोड़ा। पहाड़ की सबसे व्यस्त और संवेदनशील सड़कों में शामिल अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-109) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। हाईवे पर स्थित क्वारब क्षेत्र एक बार फिर बड़े खतरे की जद में आ गया है। क्षेत्र में लगातार हो रहे भू-स्खलन और पहाड़ी दरकने की गंभीर आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर क्वारब मार्ग को 29 मई 2026 से अगले आदेशों तक पूरी तरह बंद करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।

अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर क्वारब मार्ग अगले आदेश तक पूरी तरह बंद, वैकल्पिक रास्ते तय


प्रशासन के इस अचानक लिए गए निर्णय के बाद कुमाऊं की लाइफलाइन माने जाने वाले इस मुख्य मार्ग पर आवाजाही करने वाले हजारों यात्रियों और वाहन चालकों की परेशानियां बढ़ना तय माना जा रहा है। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने तुरंत नया रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है। जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब सभी यात्री बसों और हल्के वाहनों (कार, बाइक आदि) की आवाजाही क्वारब बाईपास मार्ग से कराई जाएगी।
इसके साथ ही भारी कमर्शियल वाहनों के संचालन के लिए पूरी तरह से अलग वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। अब हल्द्वानी और मैदानी क्षेत्रों से आने-जाने वाले भारी वाहन अल्मोड़ा–विश्वनाथ–शहरफाटक राज्य मार्ग-13 तथा खैरना–रानीखेत मार्ग से होकर अपने गंतव्य को गुजरेंगे। दरअसल, बीते कुछ समय से क्वारब क्षेत्र में पहाड़ी के लगातार खिसकने और सड़क के नीचे धंसाव बढ़ने की चिंताजनक घटनाएं सामने आ रही थीं, जिससे हाईवे पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था।
पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने और सड़क के बड़े हिस्से पर गहरी दरारें पड़ने के बाद भू-वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया था। विशेषज्ञों की सुरक्षा रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन ने जान-माल की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह सख्त कदम उठाया है। लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की टीमें मौके पर स्थिति की निगरानी कर रही हैं। प्रशासन का साफ कहना है कि लोगों की जान जोखिम में डालकर इस बेहद संवेदनशील मार्ग को खुला रखना उचित नहीं होगा।
पीक पर्यटन सीजन और गर्मियों की छुट्टियों के बीच क्वारब मार्ग बंद होने से सबसे अधिक असर अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और सीमांत जिले चंपावत से हल्द्वानी आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों पर पड़ेगा। रूट डायवर्जन लागू होने से अब यात्रियों का सफर लंबा हो जाएगा, जिससे गंतव्य तक पहुँचने का समय बढ़ जाएगा। इसके अलावा मालवाहक वाहनों को लंबा और घुमावदार वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की परिवहन लागत और मालभाड़ा बढ़ने की भी प्रबल संभावना है।

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