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हरिद्वार

हरिद्वार से अयोध्या के लिए संतों का पहला दल रवाना

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22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए धर्मनगरी के 151 संतों को मिला निमंत्रण
हरिद्वार। अयोध्या में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए धर्मनगरी से संतों की रवानगी शुरू हो गई। हरिद्वार से 151 संतों को निमंत्रण मिला है। इनमें से कई संत रवाना हो चुके हैं। आरएसएस के 45 स्वयंसेवक भी व्यवस्था बनाने के लिए अयोध्या पहुंच गए हैं।
हरिद्वार से अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी के अलावा निर्मल अखाड़े के अध्यक्ष ज्ञानदेव और कोठारी महंत जसविंदर सिंह रवाना हो गए हैं। जसविंदर सिंह लखनऊ जाने के बाद सीधा अयोध्या जाएंगे, 23 जनवरी को उनकी हरिद्वार वापसी होगी। सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के श्रीमहंत रविंद्र पुरी अयोध्या पहुंचे हैं। उसके साथ अखाड़े के कई अन्य संत भी मौजूद हैं। निरंजनी अखाड़े के सचिव और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी चार जगह से जल कलश यात्रा लेकर रवाना हो चुके हैं। 19 जनवरी को वह अयोध्या पहुंच जाएंगे। दो दिन पहले ही व्यवस्था बनाने के लिए 45 स्वयंसेवकों को भेजा जा चुका है, बड़े प्रमुख संतों के साथ एक एक स्वयंसेवक व्यवस्था में तैनात किए जाएंगे। हरिद्वार से 15 से अधिक संत अयोध्या के लिए रवाना हो गए हैं। निरंजनी अखाड़े के भी इसमें कई संत शामिल हैं। 20 जनवरी के बाद पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के अलावा कई महामंडलेश्वर रवाना हो रहे हैं। सभी अखाड़ों और आश्रमों में 22 जनवरी को दीपोत्सव मनाया जाएगा, हालांकि इसमें कई संत स्वयं मौजूद नहीं रहेंगे। 21 जनवरी को योगगुरु रामदेव रवाना होंगे। आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी 20 जनवरी को अयोध्या जा रहे हैं।

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