Report by : CWN Desk
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रानीखेत में ट्रक का 2.41 लाख का चालान, भड़के ट्रांसपोर्टर्स ने दी चक्का जाम की चेतावनी

अल्मोड़ा के रानीखेत में पुलिस ने एक गुड्स कैरियर का 2.41 लाख रुपये का भारी-भरकम चालान काटा। देवभूमि ट्रक ओनर महासंघ ने इसे पुलिसिया उत्पीड़न बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

अल्मोड़ा। जनपद के अंतर्गत आने वाले रानीखेत-चौखुटिया क्षेत्र से पुलिस की बड़ी और विवादित कार्रवाई का मामला सामने आया है। यहाँ सिविल पुलिस के निरीक्षक अशोक कुमार द्वारा सड़क सुरक्षा नियमों के तहत एक गुड्स कैरियर (मालवाहक वाहन) का कुल 2,41,000 रुपये का भारी-भरकम चालान काटा गया है। इतनी बड़ी राशि का चालान कटना पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। इस कार्रवाई के बाद से ही स्थानीय स्तर पर ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों और पुलिस प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।

रानीखेत में ट्रक का 2.41 लाख का चालान, भड़के ट्रांसपोर्टर्स ने दी चक्का जाम की चेतावनी


सरकारी विवरण के मुताबिक, यह चालान मुख्य रूप से मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत ओवरलोडिंग के कारण किया गया है। पुलिस ने वाहन पर दो अलग-अलग अपराध दर्ज किए हैं। इसमें पहला अपराध विधिक प्राधिकारी के आदेश की अवहेलना और जानकारी छिपाने का है, जिस पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, दूसरा और सबसे बड़ा जुर्माना गुड्स कैरियर में अत्यधिक ओवरलोडिंग को लेकर किया गया, जिसकी राशि अकेले 2,39,000 रुपये तय की गई है। दोनों को मिलाकर कुल चालान राशि 2.41 लाख रुपये बैठती है।
इस भारी-भरकम जुर्माने के बाद ‘देवभूमि ट्रक ओनर महासंघ’ पुलिस के खिलाफ पूरी तरह लामबंद हो गया है और इस कार्रवाई की घोर निंदा की है। महासंघ के अध्यक्ष राकेश जोशी और यातायात नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष जसपाल सिंह कोहली ने पुलिसिया कार्रवाई पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने गणित समझाते हुए कहा कि नियम के मुताबिक ओवरलोडिंग का मूल चालान ₹7,000 है और बाकी प्रति टन के हिसाब से ₹2,000 जुड़ता है। इस गणित के आधार पर गाड़ी में 130 टन माल होना चाहिए, जबकि पहाड़ों पर ऐसी कोई गाड़ी ही नहीं चलती जो 130 टन वजन उठा सके।
ट्रांसपोर्टर नेताओं ने इसे पुलिस की मनमानी और व्यापारियों का मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न करार दिया है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में पुलिस ने इस प्रकार की उत्पीड़नकारी गतिविधियों पर लगाम नहीं लगाई, तो समस्त ट्रक मालिक दलबल के साथ सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और चक्का जाम करने के लिए विवश होंगे। विरोध करने वालों में कुमाऊं मंडल के प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा, दया किशन शर्मा और ललित रौतेला सहित कई बड़े कारोबारी शामिल हैं। महासंघ अब इस मामले को लेकर शासन-प्रशासन के पास जाने और पुलिस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है।

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