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बागेश्वर: बिनसर के जंगल में गुलदार का आतंक, हमले के बाद खाई में गिरने से महिला की मौत
बागेश्वर के काफलीगैर में बांज का गट्ठर लाते समय गुलदार के हमले से महिला खाई में गिरी। प्रेमा देवी की मौके पर मौत, ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश।
बागेश्वर। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बागेश्वर जनपद के काफलीगैर क्षेत्र का है, जहाँ बिनसर के जंगल में घास लेने गई एक महिला की गुलदार (Leopard) के हमले के बाद खाई में गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से गांव में मातम और दहशत का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देव गांव निवासी 45 वर्षीय प्रेमा देवी मंगलवार को अन्य महिलाओं के साथ जंगल गई थीं। प्रत्यक्षदर्शी विमला देवी के मुताबिक, जब वे बांज का गट्ठर लेकर लौट रही थीं, तभी अचानक झाड़ियों में घात लगाए गुलदार ने प्रेमा देवी पर झपट्टा मार दिया। खुद को बचाने की कोशिश में प्रेमा देवी अनियंत्रित होकर लगभग 60 फीट गहरी खाई में जा गिरीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और वन विभाग को सूचित किया। ग्राम प्रधान घनश्याम राणा ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन विभाग ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए। मृतका अपने पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गई हैं। उनके पति मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है।
पुलिस और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। डीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही आधिकारिक तौर पर हमले की पुष्टि की जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। क्षेत्र में गुलदार के बढ़ते हमलों ने एक बार फिर पहाड़ में जनजीवन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
