उत्तर प्रदेश
मुरादाबाद: बादशाह के शो में भारी बवाल, TMU के बाहर बेकाबू भीड़ पर पुलिस का लाठीचार्ज
मुरादाबाद में मशहूर गायक बादशाह के कार्यक्रम के दौरान देर रात हंगामा हो गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे हाईवे पर भगदड़ मच गई।
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में रविवार देर रात मशहूर पंजाबी गायक और रैपर बादशाह के कार्यक्रम के दौरान जबरदस्त हंगामा और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे पर स्थित तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (TMU) में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षमता से अधिक भीड़ उमड़ने के कारण व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। स्थिति को बिगड़ता देख सुरक्षा कर्मियों और पुलिस को भीड़ पर लाठीचार्ज करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, बादशाह को सुनने के लिए हजारों की संख्या में युवा यूनिवर्सिटी कैंपस और गेट के बाहर जमा हो गए थे। जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ, गेट पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई और लोग जबरन अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। सुरक्षा घेरा टूटता देख तैनात सुरक्षा कर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। इस अचानक हुई कार्रवाई से हाईवे पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पुलिस और निजी सुरक्षा गार्डों ने भीड़ को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। भगदड़ के दौरान कई युवक-युवतियां जमीन पर गिर पड़े और एक-दूसरे के ऊपर चढ़ते नजर आए। इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते और सुरक्षा कर्मी लाठी चलाते हुए साफ देखे जा सकते हैं। इस हंगामे के कारण दिल्ली-मुरादाबाद नेशनल हाईवे पर घंटों तक यातायात भी प्रभावित रहा।
सूत्रों का कहना है कि आयोजकों ने कार्यक्रम के लिए जितनी अनुमति ली थी, उससे कहीं अधिक पास और टिकट वितरित कर दिए गए थे। पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण सुरक्षा कर्मियों के पास बल प्रयोग के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। हालांकि, लाठीचार्ज में कितने लोग घायल हुए हैं, इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस प्रशासन अब यूनिवर्सिटी प्रबंधन और आयोजकों से इस संबंध में जवाब-तलब करने की तैयारी में है।
मुरादाबाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर उन परिस्थितियों का विश्लेषण किया जा रहा है, जिनके कारण यह अप्रिय स्थिति पैदा हुई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाईवे पर स्थित यूनिवर्सिटी में इस तरह के बड़े आयोजनों के लिए ट्रैफिक और सुरक्षा का कोई पुख्ता प्लान नहीं था, जिसके चलते आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
