Connect with us

उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में कक्षा एक से आठ तक के सभी छात्र-छात्राओं का हर साल नियमित रूप से होगा स्वास्थ्य परीक्षण

Published

on

खबर शेयर करें 👉

केंद्र सरकार ने गतवर्ष साढ़े छह लाख में से सिर्फ 4.46 लाख का स्वास्थ्य परीक्षण होने पर जताई नाराजगी
देहरादून। राज्य में कक्षा एक से आठ तक के सभी छात्र-छात्राओं का हर साल नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। केंद्र सरकार ने गतवर्ष साढ़े छह लाख में से सिर्फ 4.46 लाख का स्वास्थ्य परीक्षण होने पर नाराजगी जताई। साथ ही राज्य के दूरदराज क्षेत्रों के सभी स्कूलों में भी मिड डे मील की रसाई में गैस सिलेंडर पहुंचाया जाएगा। केंद्र सरकार ने दूरदराज क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की ढुलाई पर होने वाले खर्च की भरपाई करने का आश्वासन दिया है।
दिल्ली के डॉ.अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में मंगलवार को पीएम पोषण योजना की सालाना प्लॉन अनुमोदन (पीएबी) में केंद्रीय शिक्षा सचिव संजय कुमार ने उक्त आश्वासन दिया। वर्ष 2024-25 के लिए 449 करोड़ रुपये के बजट प्लान को भी मंजूरी दे दी गई।
उत्तराखंड की ओर से शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने केंद्रीय अफसरों के समक्ष प्लान रखा। राज्य के अफसरों ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्र होने की वजह से राज्य में स्कूलों तक गैस, राशन आदि पहुंचाने का ट्रांसपोर्ट खर्च काफी हो जाता है। हर साल अकेले गैस सिलेंडर पहुंचाने के लिए राज्य को 8.48 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। इसी प्रकार प्रदेश के आठ हजार स्कूलों में रसोई घरों को मरम्मत की जरूरत है। इसके लिए मूल लागत के दस प्रतिशत धन की जरूरत होगी। वर्तमान में केवल 10 हजार रुपये प्रति रसोई धन मिलता है। राज्य की टीम में डीजी-शिक्षा बंशीधर तिवारी, एपीडी-एसएसए डॉ. मुकुल कुमार सती, जेडी-पीम पोषण जेपी काला, हिमांशु रावत, नरेश मुरारी, रविंद्र आदि शामिल रहे।

यह भी पढ़ें 👉  टीईटी मामला: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका होगी, ‘महक क्रांति’ योजना को भी मंजूरी

Select Language

Advertisement