उत्तराखण्ड
चारधाम यात्रा 2026: पंजीकरण की तैयारियां पूरी, जानें रजिस्ट्रेशन के नए नियम
चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 18 अप्रैल से शुरू होगी। ट्रांजिट कैंप में 30 काउंटर तैयार, भारतीयों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य। जानें पूरी जानकारी।
देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए कैंप क्षेत्र में कुल 24 काउंटर बनाए हैं, जबकि 6 अतिरिक्त काउंटर आईएसबीटी के समीप स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, गुरुद्वारा सिंह साहिब के कपाट खुलने के बाद वहां भी 4 काउंटर संचालित किए जाएंगे। वर्तमान में कुल 30 काउंटर पूरी तरह तैयार हैं, जहां से श्रद्धालु अपना पंजीकरण करवा सकेंगे।
चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ 18 अप्रैल को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा। इसके ठीक अगले दिन, 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी ताकि किसी भी यात्री को परेशानी न हो।
इस बार यात्रियों की सुविधा के लिए 105 कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जिसमें 30 मोबाइल टीमें भी शामिल हैं। ये टीमें आश्रमों, धर्मशालाओं और ठहराव स्थलों पर जाकर कम से कम 20 यात्रियों के समूह का मौके पर ही पंजीकरण करेंगी। इस पहल से यात्रियों को घंटों लंबी लाइनों में लगने और कैंप तक आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
नियमों की बात करें तो भारतीय नागरिकों के लिए पंजीकरण हेतु आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन और फोटो की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। वहीं, विदेशी नागरिकों और एनआरआई (NRI) यात्रियों के लिए पासपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य इस बार की यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।
