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कोरोना: अलर्ट पर हैं उत्तराखंड, गाइडलाइन हो गई जारी, तैयार है बेड और ऑक्सीजन सिलेंडर

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निगम ने किए सैनिटाइजेशन के इंतजाम, कोरोना की दूसरी लहर में ऐसी भी तैयारी
देहरादून। देश में कोरोना के नए वेरिएंट जेएन.1 को लेकर प्रदेश सरकार अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नए वेरिएंट को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार से विभिन्न अस्पतालों में संसाधनों और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयारी के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
स्वास्थ्य सचिव ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके निर्देशानुसार कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इंफ्लूएंजा और गंभीर तीव्र श्वसन से संबंधित रोगियों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कोरोना से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयारी करें।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि वर्तमान में कोविड जांच के लिए प्रदेश में 50 से अधिक पैथोलॉजी लैब स्थापित हैं। इसमें 12 लैब सरकारी हैं। इसके अलावा पीएचसी और सीएचसी स्तर पर रैपिड टेस्ट की सुविधा है। साथ ही कोविड और इन्फ्लूएंजा से ग्रसित मरीजों के प्रदेश के अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड की पर्याप्त व्यवस्था है।
5,893 ऑक्सीजन समर्थित आइसोलेशन बेड, 1,204 आईसीयू बेड, वेंटिलेटर युक्त 894 आइसीयू बेड, 1,298 क्रियाशील वेंटिलेटर, 7,561 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 15,950 ऑक्सीजन सिलेंडर, 93 क्रियाशील पीएसए प्लांट, 807 क्रियाशील ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक उपलब्ध हैं। इसके साथ ही कोविड-19 प्रबंधन में प्रशिक्षित 3,161 पैरामेडिकल स्टाफ की टीम शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अब तक प्रदेश में कोरोना के नए वेरिएंट जेएन.1 को लेकर एक भी मरीज नहीं आया है। इसके बावजूद सरकार पूरी तरह से अलर्ट है। कोरोना से निपटने के लिए अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू और अन्य सुविधाएं जुटा ली गई हैं। अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि सांस और हृदय रोगियों की निगरानी की जाए। प्रदेश में नए वेरिएंट पर नजर रखी जा रही है और यदि कहीं कोई मरीज आता है तो उस स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं।
देश में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट जेएन-1 को लेकर नगर निगम भी अलर्ट मोड पर आ गया है। निगम ने कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सैनिटाइजेशन के पुख्ता इंतजाम करने की योजना बना ली है। इसके हाइपोक्लोराइड का अतिरिक्त कोटा भी मंगाया जा रहा है। साथ ही विषम परिस्थितियों में कार्य करने के लिए निगम के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। केरल समेत अन्य राज्यों में कोरोना के नए वेरिएंट का प्रकोप बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए समय रहते जिम्मेदार महकमों ने कमर कस ली है।
नगर निगम ने कोरोना की पहली और दूसरी लहर में शहरभर में टैंकरों व छोटी मशीनों से हाइपोक्लोराइट का छिड़काव किया था। हालांकि, निगम के कार्य की सराहना हुई थी, लेकिन आपात स्थिति का अंदाजा न होने के कारण निगम को हाइपोक्लोराइड की व्यवस्था के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा था। आनन-फानन नगर निगम ने राजस्थान से हाइपोक्लोराइड मंगाया था। स्थिति सामान्य होने के बाद हाइपोक्लोराइड की आवश्यकता नहीं पड़ी।
वर्तमान में निगम में स्टोर में हाइपोक्लोराइड का कोटा काफी कम है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने स्टोर में 15 दिन का अतिरिक्त हाइपोक्लोराइड कोटा रखवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आपूर्ति को लेकर भी कंपनियों को संपर्क किया जा रहा है।

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