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उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में यहां पांच मोबाइल वैन और दो रिटेल सेंटरों पर 25 रुपये किलो बिक रहा प्याज

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उपभोक्ताओं को राहत देने और कालाबाजारी रोकने के लिए उठाया कदम
देहरादून। प्याज की बढ़ती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार के भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) की ओर से उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर प्याज उपलब्ध करवाया जा रहा है। दून के विभिन्न क्षेत्रों में पांच मोबाइल वैन और दो रिटेल सेंटरों के माध्यम से आमजन को 25 रुपये किलो की दर से प्याज दिया जा रहा है।
वर्तमान में दून की फुटकर मंडियों में कहीं 70-80 और कहीं 90 रुपये किलो की दर से प्याज बेचा जा रहा है। जबकि निरंजनपुर मंडी में प्याज की नई खेप आने से स्थिति संतोषजनक है। यहां प्याज 40 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। फुटकर विक्रेता थोक मंडी से कम दाम में प्याज उठाकर शहर में मनमाने दाम में बेच रहे हैं। इस मनमानी पर रोक लगाने के लिए एनसीसीएफ की ओर से सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है।
एनसीसीएफ की शाखा प्रबंधक सौम्या बिष्ट ने बताया कि केंद्र सरकार के आदेशों के अनुपालन में 25 रुपये किलो की दर से प्याज को कालोनियों में मोबाइल वैनों के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है। कालोनी के अंदर वैन को एक स्थान पर खड़ा कर दिया जाता है, जहां से लोग प्याज आसानी से ले रहे हैं।
बताया कि दो फुटकर केंद्रों मियांवाला और ओएनजीसी के समीप राम विहार में स्थापित किए गए हैं। अब तक आठ मीट्रिक टन प्याज बेचा जा चुका है। रोजाना पांच मोबाइल वैनों के माध्यम से 500 किलो प्याज बिक्री के लिए भेजा जा रहा है। प्रति व्यक्ति अधिकतम दो किलो प्याज दिया जा रहा है।
शाखा प्रबंधक सौम्या बिष्ट ने बताया कि जल्द हरिद्वार और रुड़की में भी प्याज 25 रुपये किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना पर कार्य किया जा रहा है। दीपावली की वजह से लोडर मिलने में समस्या आ रही है। इसकी वजह से विलंब हो रहा है। प्याज आमजन तक ही पहुंचे इसके लिए हर मोबाइल वैन के साथ स्टाफ को भेजा जा रहा है। स्टाफ आधार नंबरों को देखकर ही प्याज दे रहे हैं। उन आधार नंबरों और नामों को चेक करने के बाद ही प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। ताकि कोई व्यक्ति दोबारा प्याज न ले पाए और कालाबाजारी पर रोक लग सके।

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