उत्तर प्रदेश
गाजियाबाद: कोरियन कल्चर और लव गेम का खूनी जुनून, तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दी जान
गाजियाबाद के टीला मोड़ में तीन नाबालिग बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या की। कोरियन लव गेम और के-पॉप की लत ने ली जान। पढ़ें दिल दहला देने वाली पूरी खबर।
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ टीला मोड़ इलाके की भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। शुरुआती जांच में पता चला है कि तीनों बहनें कोरियाई संस्कृति (Korean Culture) और ‘कोरियन लव गेम’ की इस कदर आदी थीं कि उन्होंने वास्तविकता से नाता तोड़ लिया था।
पुलिस को मौके से आठ पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें दर्ज बातें किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकती हैं। लड़कियों ने लिखा, “कोरियन हमारी जान थी, तुमने हमसे हमारी जान छुड़वाने की हिम्मत कैसे की।” सुसाइड नोट से यह साफ जाहिर होता है कि वे अपने परिवार से ज्यादा कोरियन एक्टर्स और K-Pop ग्रुप्स को महत्व देने लगी थीं।
परिजनों के अनुसार, कोरोना काल के दौरान मोबाइल गेम और कोरियन ड्रामा देखते-देखते उन्हें इसकी लत लग गई थी। इस जुनून के कारण वे पढ़ाई में पिछड़ गईं और पिछले तीन साल से स्कूल भी नहीं जा रही थीं। पिता चेतन कुमार ने जब उनसे मोबाइल छीना और इस ‘कोरियन’ भूत को उतारने की बात कही, तो लड़कियों ने खौफनाक कदम उठाने का फैसला कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि 14 वर्षीय मंझली बहन प्राची खुद को ‘डेथ कमांडर’ कहती थी। वह अपनी अन्य दो बहनों को टास्क देती थी, जिन्हें वे पूरा करती थीं। उन्होंने खुद के नाम भी कोरियन रख लिए थे। सुसाइड नोट के पहले पन्ने पर उन्होंने ‘ट्रू लाइफ स्टोरी’ लिखकर अपने पिता से माफी भी मांगी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरों में इंटरनेट और विदेशी संस्कृतियों के प्रति बढ़ता अंधाधुंध आकर्षण गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट का संकेत है। यह घटना माता-पिता के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि वे अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों और उनके व्यवहार में आ रहे बदलावों पर पैनी नजर रखें।
