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उत्तराखण्ड

प्रदेश भर में संचालित मदरसों का होगा भौतिक सत्यापन, नैनीताल की घटना के बाद सरकार की सख्ती

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बिना अनुमति के निजी मदरसे भी संचालित हो रहे
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल के वीरभट्टी क्षेत्र में एक अवैध मदरसे में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार का संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रदेश में संचालित सभी मदरसों का भौतिक सत्यापन करने और कहीं भी अनैतिक कार्य पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस क्रम में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलों को आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रदेश में उत्तराखंड मदरसा बोर्ड और उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अंतर्गत 532 मदरसे संचालित हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में बिना अनुमति के निजी मदरसे भी संचालित हो रहे हैं। इन्हें अवैध माना गया है। नैनीताल में भी इसी तरह अवैध रूप से संचालित एक मदरसे के खिलाफ मिली शिकायत पर स्थानीय प्रशासन ने उसका निरीक्षण किया था।
इस दौरान टीम ने यहां कई अनियमितताएं पाईं। यहां 24 बच्चों को छोटे-छोटे गंदगी से भरे कमरों में रखा गया था। इनमें अधिकांश बच्चे बीमारी से ग्रस्त मिले। यहां पढऩे वाले बच्चों ने मदरसा संचालक व उनके पुत्र पर शारीरिक शोषण के आरोप भी लगाए। प्रशासन ने मदरसे को सील करने के साथ ही संचालक पर प्राथमिकी भी दर्ज की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बच्चों के साथ हो रहे इस तरह के अमानवीय व्यवहार का संज्ञान लेते हुए सभी मदरसों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इस क्रम में अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर सभी मदरसों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहीं अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के लिए भी निर्देशित किया है। अपर मुख्य सचिव ने सत्यापन व कार्यवाही के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने को कहा है।

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