Report by : CWN Desk
Published at :
ऋषिकेश में भयानक हादसा! कबाड़ के गोदाम में भीषण आग से युवक जिंदा जला, लाखों का माल राख

ऋषिकेश के हनुमंतपुरम में दिल दहला देने वाली घटना। 84 वर्षीय पिता की मौत के कुछ ही देर बाद 45 वर्षीय बेटे ने भी त्यागे प्राण। जानिए पूरी दर्दनाक कहानी जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

ऋषिकेश। हनुमंतपुरम इलाके में मंगलवार को उस वक्त गहरा मातम छा गया, जब एक 84 वर्षीय बुजुर्ग पिता की मृत्यु का सदमा उनका 45 वर्षीय बेटा बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने भी दम तोड़ दिया। इस हृदय विदारक घटना ने न केवल परिवार को तोड़ दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। बुधवार सुबह जब घर से पिता और पुत्र की एक साथ अर्थी उठी, तो हर किसी की आँखें नम थीं।


एक महीने से कर रहा था पिता की सेवा


हनुमंतपुरम, गंगानगर लेन नंबर 4 निवासी वेद प्रकाश कपूर (84) पिछले एक महीने से बीमार चल रहे थे और उनका उपचार एम्स में चल रहा था। मंगलवार को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। परिजन जब उनके पार्थिव शरीर को घर लाए, तो उनके बेटे सचिन कपूर (45) पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बताया जा रहा है कि सचिन पिछले एक महीने से एम्स में रहकर पिता की दिन-रात सेवा कर रहा था। पिता की मौत का दुख इतना गहरा था कि सचिन उनके शव के समीप ही गिर पड़े और उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए।


गमगीन हुआ हनुमंतपुरम का माहौल


पिता-पुत्र की इस आकस्मिक और दर्दनाक मौत से हर कोई स्तब्ध है। जो घर कुछ देर पहले शोक में डूबा था, वहाँ अब दोहरी मातम पसरा हुआ है। स्थानीय संगठन, हनुमंतपुरम विकास मंच गंगानगर ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मंच के अध्यक्ष केके सचदेवा समेत कई सदस्यों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं। यह घटना रिश्तों की गहराई और भावनात्मक जुड़ाव की उस मिसाल को दिखाती है, जिसने बेटे को पिता से बिछड़ने नहीं दिया।


क्षेत्र में सुरक्षा और स्वास्थ्य पर चर्चा


इस दुखद खबर के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। लोग इस भावनात्मक आघात को लेकर स्तब्ध हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने हालांकि मौत के कारणों की पुष्टि के लिए कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है, पर प्रथम दृष्टया इसे सदमे से हुई मौत माना जा रहा है। ऋषिकेश के लोग इस दर्दनाक घटना को लंबे समय तक नहीं भुला पाएँगे।

Follow CWN TODAY on WhatsAppJoin ›