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अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

बाल श्रम के खिलाफ 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा: अल्मोड़ा में 44 दिवसीय ‘श्रम नहीं शिक्षा’ अभियान के तहत CACAL और यूथ नेटवर्क की पहल

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अल्मोड़ा। उत्तराखंड यूथ नेटवर्क अल्मोड़ा ने कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड लेबर (CACAL) के 44 दिवसीय ‘श्रम नहीं शिक्षा’ अभियान के तहत शनिवार को श्रम उपायुक्त और श्रम प्रवर्तन अधिकारी अल्मोड़ा को बाल श्रम के खिलाफ 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।

मांग पत्र में बाल श्रम पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, इसके खिलाफ सख्त कानून बनाने, बाल श्रम विरोधी जन-जागरुकता अभियान चलाने, प्रभावित बच्चों के लिए पुनर्वास कार्यक्रम बनाने और बाल श्रम के मूल कारणों को दूर करने के कदम उठाने की अपील की गई। इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता, बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर, बाल श्रम कराने वाले नियोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई, बाल अधिकारों की रक्षा, बाल श्रम की रोकथाम के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, बाल श्रम पर नियमित डेटा और रिपोर्ट तैयार करना तथा अभियान में सभी स्टेक होल्डर्स की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांगें शामिल हैं।

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मांग पत्र सौंपने के दौरान उत्तराखंड यूथ नेटवर्क और सीएसीएल की राष्ट्रीय युवा प्रतिनिधि भारती पांडे ने श्रम उपायुक्त और श्रम प्रवर्तन अधिकारी से मुलाकात कर कहा कि बच्चों का बचपन उनकी शिक्षा और खेलकूद के लिए होना चाहिए, न कि बाल मजदूरी के लिए। उन्होंने कहा कि समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर बाल श्रम के खिलाफ सख्त कदम उठाने होंगे ताकि हर बच्चा शिक्षा के अधिकार का लाभ उठा सके।

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इस अवसर पर उत्तराखंड यूथ नेटवर्क के राकेश बाराकोटी भी उनके साथ मौजूद रहे। संगठन ने आशा जताई कि जिला प्रशासन इन मांगों को गंभीरता से लेकर ठोस कदम उठाएगा और बाल मजदूरी मुक्त समाज की दिशा में काम करेगा।

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