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चमोली की नीति घाटी में बादल फटने से तबाही, तमक नाला उफान पर; बैली ब्रिज बहा
चमोली की नीति घाटी में भारी अतिवृष्टि से तमक नाला उफनाया। बैली ब्रिज बहने से चीन सीमा का संपर्क कटा, सेब के बगीचे तबाह और बीआरओ कर्मी लापता।
चमोली। नीति घाटी में अतिवृष्टि और संभावित बादल फटने से भारी तबाही हुई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के बाद तमक नाला अचानक भयावह उफान पर आ गया। पानी और मलबे के तेज बहाव में नीति-मलारी मार्ग को जोड़ने वाला बैली ब्रिज पल भर में बह गया। पुल टूटने से चीन सीमा से सटे करीब 15 से 16 गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
तबाही के वक्त मौके पर काम कर रहा सीमा सड़क संगठन (BRO) का एक वाहन और उसका चालक भी मलबे की चपेट में आकर लापता हो गया है। अचानक आए मलबे ने स्थानीय काश्तकारों के सेब के बगीचों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। इस प्राकृतिक आपदा से नीति घाटी में अफरा-तफरी का माहौल है।
घटना का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन को तत्काल राहत-बचाव के निर्देश दिए हैं। घटनास्थल के लिए पुलिस, SDRF और NDRF की टीमों को रवाना कर दिया गया है। प्रशासन बीआरओ और आईटीबीपी (ITBP) के साथ तालमेल बनाकर संपर्क बहाल करने तथा लापता कर्मी की खोज में जुटा है। अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में भी अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी और संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। पहली प्राथमिकता फंसे हुए लोगों तक सहायता पहुंचाने और आवाजाही सुचारु करने के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार करने की है।
