Connect with us

अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

प्रधान प्रत्याशी का झूठा शपथपत्र पड़ा भारी, आवेदन निरस्त, प्रतिद्वंद्वी का निर्विरोध निर्वाचित होना तय

Published

on

खबर शेयर करें 👉

बागेश्वर। जिले के कपकोट ब्लॉक में पंचायत चुनाव के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ग्राम प्रधान प्रत्याशी द्वारा शौचालय निर्माण को लेकर किया गया झूठा दावा भारी पड़ गया। नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए गए शपथपत्र में प्रत्याशी ने घर में शौचालय होने की बात कही थी, लेकिन प्रतिद्वंद्वी की आपत्ति पर जांच हुई तो दावा झूठा निकला। जांच में शौचालय न मिलने की पुष्टि के बाद निर्वाचन अधिकारी ने प्रत्याशी का आवेदन नियमों के तहत निरस्त कर दिया।

यह भी पढ़ें 👉  कपकोट के लाथी में दंपती की जीत: कुंजर और रजनी कोरंगा ने रचा नया कीर्तिमान

कपकोट के छुरिया ग्राम पंचायत में प्रधान पद के लिए केवल दो प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। एक प्रत्याशी के आवेदन निरस्त होने के बाद अब दूसरा प्रत्याशी निर्विरोध विजयी माना जा रहा है। सोमवार से शुरू हुई नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया के पहले दिन ही यह मामला सामने आया। कपकोट ब्लॉक में जहां एक नामांकन रद्द हुआ, वहीं गरुड़ ब्लॉक में दो अन्य ग्राम प्रधान प्रत्याशियों के आवेदन भी खारिज किए गए।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून के चर्चित बाइक राइडर की बाइक दुर्घटना में मौत

जांच समिति ने बताया कि आरोपी प्रत्याशी को अटल आवास योजना का लाभ मिल चुका है, और इस योजना की शर्तों में शौचालय निर्माण अनिवार्य है। इसके बावजूद घर में शौचालय नहीं बनवाया गया। यह स्पष्ट उल्लंघन निर्वाचन नियमावली का था। बागेश्वर जिला पंचायत की अन्य सीटों – भैरूचौबट्टा, चौंरा, और जेठाईं में भी आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जिनकी जांच जारी है। यह मामला पंचायत चुनावों में पारदर्शिता और सत्यापन की प्रक्रिया की अहमियत को दर्शाता है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement