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उत्तराखण्ड

शिक्षकों ने एक जनवरी से शैक्षिक सत्याग्रह शुरू करने की चेतावनी दी

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प्रदेश में 5400 ग्रेड पे वाले अध्यापकों को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा, अंतर मंडलीय तबादले समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर मांग
देहरादून। प्रदेश में 5400 ग्रेड पे वाले अध्यापकों को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा, अंतर मंडलीय तबादले समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर शिक्षकों ने बांहें चढ़ानी शुरू कर दी हैं। राजकीय शिक्षक संघ ने 31 दिसंबर तक कार्रवाई नहीं होने पर एक जनवरी से शैक्षिक सत्याग्रह दोबारा शुरू करने की चेतावनी दी है। इस बीच शिक्षा मंत्री व डीजी-शिक्षा को नियमित रूप से गुलदस्ते देते हुए गांधीवादी तरीके से विरोध जताया जाएगा।
मालूम हो, चार दिसंबर को डीजी ने शिक्षक संघ से वार्ता करते हुए उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिलाया था। इस पर तब संघ ने शैक्षिक सत्याग्रह 31 दिसंबर तक के लिए टाल दिया था। आश्वासन के बावजूद एक भी मांग पर कार्रवाई न होने से शिक्षक नाराज हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि सरकार लगातार शिक्षकों की उपेक्षा कर रही है। सरकार और विभाग को अंतिम मौका दिया था। अब यदि 31 दिसंबर तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षक फिर से शिक्षणेत्तर सभी कार्य बंद करते हुए अपना मूल कार्य पढ़ाई ही कराएंगे। रही बात प्रभारी हेडमास्टर और प्रधानाचार्य की तो ये अतिरिक्त प्रभार भी नियमों के अनुसार नहीं है। व्यवस्था के तहत कुछ समय तक प्रभार दिया जा सकता है पर वर्षों तक बिना अतिरिक्त लाभ के ऐसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि वार्ता में राजपत्रित दर्जा,तबादले,चयन-प्रोन्नत वेतनमान पर अतिरिक्त इंक्रीमेंट, सीनियर और जूनियर की वेतन विसंगति हल करने का वादा किया गया था। यदि जल्द कार्रवाई न हुई तो एक जनवरी से शैक्षिक सत्याग्रह शुरू कर दिया जाएगा।

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