हल्द्वानी
हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद में गरमाई राजनीति: बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने
हल्द्वानी रामलीला मैदान शुद्धीकरण विवाद पर कांग्रेस और भाजपा में टकराव तेज हो गया है। राहुल गांधी के दौरे की चर्चाओं और दर्ज मुकदमे से सियासत गर्मा गई है।
हल्द्वानी। रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद हुए कथित शुद्धीकरण का मामला अब राष्ट्रीय राजनीति का मुख्य केंद्र बन गया है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव काफी तेज हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हल्द्वानी आगमन के बीच कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की हलचल भी बढ़ गई है।
यह पूरा विवाद बीते आठ अगस्त को आयोजित खरगे की सभा के बाद 11 अगस्त को रामलीला मैदान में किए गए कथित शुद्धीकरण से शुरू हुआ था। कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को सामाजिक भेदभाव और दलित सम्मान से जोड़ते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद 29 अगस्त को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले को छुआछूत से जुड़ा बताते हुए एफआईआर दर्ज कराने की मांग उठाई।
राहुल गांधी के बयान के बाद मामला कानूनी मोड़ ले चुका है। जवाहर नगर निवासी अमित कुमार की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली में राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस सरकार पर हमलावर है, जबकि भाजपा शुद्धीकरण को किसी भी तरह की जातिगत घटना मानने से साफ इनकार कर रही है।
इस विवाद के बीच राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे की चर्चाएं तेज हो गई हैं, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विधायक सुमित हृदयेश ने बताया कि राहुल गांधी हल्द्वानी जरूर आएंगे और कांग्रेस इस मुद्दे पर पूरी तरह मुस्तैद है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई के पूर्व महापौर और राज्यसभा सांसद चंद्रकांत हंडोरे भी हल्द्वानी पहुंचकर ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं।
