Connect with us

नैनीताल

हरिद्वार में हरकी पैड़ी के समीप ज्ञान गोदड़ी में गुरुद्वारे के पुनर्निर्माण मामले में हाईकोर्ट ने एक सप्ताह के भीतर मांगा जवाब

Published

on

खबर शेयर करें 👉

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हरिद्वार में हरकी पैड़ी के समीप ज्ञान गोदड़ी में गुरुद्वारे के पुनर्निर्माण किए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद खंडपीठ ने नगर निगम हरिद्वार सहित राज्य सरकार से एक सप्ताह भीतर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 6 जनवरी 2024 की तिथि नियत की है। मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खण्डपीठ में हुई।
मामले के अनुसार, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, अमृतसर ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि हरिद्वार में हरकी पैड़ी के समीप ज्ञान गोदड़ी में गुरुद्वारे का पुनर्निर्माण किया जाए। याचिका में कहा गया है कि सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव जी के हरिद्वार में प्रथम आगमन पर तत्कालीन लंढौरा नरेश ने अपनी हवेली में ज्ञान गोदड़ी का आयोजन किया था। याचिका में यह भी कहा है कि गुरुनानक देव जी के आगमन पर हरकी पैड़ी में गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी के लिए जगह आवंटित की थी, जो 1976 तक इस स्थान पर थी लेकिन 1976 में हरकी पैड़ी के सुन्दरीकरण के नाम पर गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी को वहां से इस आश्वासन पर हटाया गया कि उसे पुन इसी स्थान पर स्थापित किया जाएगा। लेकिन इस ऐतिहासिक धरोहर एवं सिखों के पवित्र चिह्न को अभी तक वहां स्थापित नहीं किया गया है। वर्ष 2001 में इसकी शिकायत राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से की गई। याचिका में कहा गया है कि हरिद्वार के तत्कालीन जिला अधिकारी ने भूमि आबंटित करने के लिए सरकार को संस्तुति भेजी, परंतु जो भूमि आवंटित की जानी थी, वह भूमि उत्तर प्रदेश सरकार के स्वामित्व की थी। इसके बाद फिर संस्तुति भेजी गई परंतु अब तक उस संस्तुति पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।

Select Language

Advertisement