हल्द्वानी
हल्द्वानी: 10 करोड़ के फर्जीवाड़े में बड़ी कार्रवाई, आरोपी ठेकेदार को बचाने वाले चौकी प्रभारी सस्पेंड
हल्द्वानी के चर्चित ठेकेदार धनंजय गिरी पर 10 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप। आईजी कुमाऊं ने लापरवाही पर चौकी प्रभारी को किया सस्पेंड और SIT जांच के आदेश दिए।
हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपी चर्चित ठेकेदार धनंजय गिरी (Dhananjay Giri) के मामले में पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई हुई है। आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने विवेचना में लापरवाही बरतने और आरोपी से मिलीभगत के संदेह में भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। आईजी ने इस पूरे मामले की जांच के लिए अब एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।
आईजी की सख्ती: आरोपी के खिलाफ दर्ज हैं 9 मुकदमे
शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि आरोपी धनंजय गिरी के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में चेक बाउंस, ठगी और धोखाधड़ी के कुल 9 मुकदमे दर्ज हैं। लोग लगातार शिकायत लेकर कैंप कार्यालय पहुँच रहे थे। आईजी ने पूर्व में चौकी प्रभारी को आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे, लेकिन विवेचक ने इसमें हीलाहवाली की। आईजी ने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मी की आरोपी के साथ मिलीभगत सामने आई है, जिस कारण उसे बचने का अवसर मिला।
एसपी सिटी के नेतृत्व में बनी SIT
धोखाधड़ी की गंभीरता को देखते हुए आईजी ने एसपी सिटी मनोज कत्याल को एसआईटी की कमान सौंपी है। इस टीम में सीओ लालकुआं और एलआईयू निरीक्षक को भी शामिल किया गया है। आईजी ने निर्देश दिए हैं कि आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए। पुलिस की प्राथमिकता आरोपी द्वारा धोखाधड़ी से कमाई गई संपत्ति को कुर्क कर पीड़ितों को उनका पैसा वापस दिलाने की है।
पीड़ितों से अपील और भविष्य की कार्रवाई
आईजी कुमाऊं ने इस फर्जीवाड़े का शिकार हुए सभी लोगों से अपील की है कि वे अपने बयान और साक्ष्य एसपी सिटी को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि न्यायलय के माध्यम से पीड़ितों को उनके धन का उचित प्रतिशत वापस दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इस सख्त कदम के बाद हल्द्वानी पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस अब धनंजय गिरी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
