उत्तराखण्ड
नैनीताल और उत्तरकाशी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, जज के चैंबर में RDX की सूचना से हड़कंप
नैनीताल और उत्तरकाशी जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी। जज की मेल आईडी पर आया मैसेज। परिसर खाली, भारी पुलिस बल तैनात।
नैनीताल/उत्तरकाशी: उत्तराखंड की दो प्रमुख जिला अदालतों, नैनीताल और उत्तरकाशी में सोमवार को उस समय दहशत फैल गई जब अज्ञात व्यक्ति द्वारा बम से उड़ाने की धमकी दी गई। नैनीताल जिला जज की आधिकारिक ईमेल आईडी पर सुबह करीब 9:45 बजे एक संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि जज के चैंबर में आरडीएक्स (RDX) लगाया गया है। इस धमकी भरे मेल में तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण को रोकने की मांग करते हुए दोपहर 12:15 बजे तक कोर्ट खाली करने की चेतावनी दी गई थी।

धमकी मिलते ही नैनीताल पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एसपी जगदीश चंद्र और सीओ रविकांत सेमवाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे कोर्ट परिसर को तुरंत खाली कराया गया और मुख्य द्वारों को सील कर दिया गया। बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वाड की टीमें चप्पे-चप्पे की तलाशी ले रही हैं। हालांकि, अब तक की जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
इसी तरह की एक और घटना उत्तरकाशी जिले में भी देखने को मिली। वहां भी जिला न्यायालय में बम होने की सूचना मिलने के बाद अफरा-तफरी मच गई। जिला जज गुरुबख्श सिंह सहित सभी अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से भवन से बाहर कर दिया गया है। उत्तरकाशी पुलिस ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है।
उत्तरकाशी में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देहरादून से विशेष बम स्क्वॉड की टीम बुलाई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक बम निरोधक दस्ता पूरी जांच के बाद परिसर को ‘सुरक्षित’ घोषित नहीं कर देता, तब तक न्यायिक कार्य स्थगित रहेंगे। दोनों ही जिलों में इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और खुफिया एजेंसियां ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं।
यह मामला केवल सुरक्षा चूक का नहीं बल्कि न्यायिक प्रणाली को डराने की एक बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। साइबर सेल की टीम उन आईपी एड्रेस की जांच कर रही है जिनसे ये ईमेल भेजे गए थे। प्रशासन ने जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी लावारिस वस्तु को न छूने की अपील की है।
