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देवीधुरा असाड़ी कौतिक: 23 अगस्त से शुरू होगा विश्व प्रसिद्ध बगवाल मेला
चम्पावत के देवीधुरा में प्रसिद्ध असाड़ी कौतिक बगवाल मेला 23 अगस्त से 4 सितंबर तक आयोजित होगा। 28 अगस्त को पाषाण युद्ध बगवाल होगा। जानें पूरी जानकारी।
चम्पावत। जिले में स्थित प्रसिद्ध मां वाराही शक्तिपीठ देवीधुरा में इस वर्ष ऐतिहासिक असाड़ी कौतिक रक्षाबंधन बगवाल मेला 23 अगस्त से 4 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। इस सुप्रसिद्ध मेले का औपचारिक शुभारंभ 23 अगस्त को होगा, जबकि पूरी दुनिया में अपनी अनोखी परंपरा के लिए विख्यात पारंपरिक बगवाल का आयोजन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर किया जाएगा। मेले की भव्यता और धार्मिक महत्व को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
प्रशासन मुस्तैद, समय पर व्यवस्थाएं पूरी करने के सख्त निर्देश
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय से पहले तैयारियां पूरी करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही की संभावना को देखते हुए पेयजल, बिजली, सफाई, स्वास्थ्य और सुचारू यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को मेला क्षेत्र में 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं और एंबुलेंस तैनात रखने को कहा गया है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन को भीड़ नियंत्रण, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
धार्मिक अनुष्ठानों और सामाजिक शिविरों का रहेगा खास आकर्षण
मेले के दौरान कई महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे। 23 अगस्त को सांगी पूजन, 28 अगस्त को बगवाल पूजन और 29 अगस्त को डोले की पवित्र परिक्रमा आयोजित की जाएगी। इसके बाद 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर भव्य झांकियों का प्रदर्शन होगा। धार्मिक कार्यक्रमों के अलावा मेला प्रांगण में जनसेवा के उद्देश्य से बहुउद्देश्यीय शिविर, मुफ्त नेत्र परीक्षण शिविर और रक्तदान शिविर जैसे सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय पर्यटन को मिलेगा नया बढ़ावा
देवीधुरा का यह मेला न केवल अगाध आस्था का प्रतीक है, बल्कि कुमाऊं की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को भी प्रस्तुत करता है। प्रशासन का मानना है कि इस आयोजन से क्षेत्रीय पर्यटन को मजबूती मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा। जिला प्रशासन ने मेले में पहुंचने वाले सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों से शांतिपूर्ण तथा अनुशासित तरीके से इस भव्य लोक उत्सव में भाग लेने की अपील की है।
