उत्तराखंड पुलिस
अंकिता भंडारी केस 2026: SIT का बड़ा खुलासा, ‘VIP’ के नाम पर सामने आई ये सच्चाई
अंकिता भंडारी हत्याकांड में SIT ने VIP के नाम पर स्थिति साफ की है। जानिए क्या था अंकिता की चैट का सच और उर्मिला सनावर के आरोपों पर पुलिस की नई कार्रवाई।
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने एक बार फिर स्थिति स्पष्ट की है। शनिवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व एसआईटी सदस्य और एसपी देहात हरिद्वार शेखर सुयाल ने बताया कि अब तक की जांच में किसी ‘वीआईपी’ की संलिप्तता का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। पुलिस ने साफ किया कि जिस वीआईपी की चर्चा हो रही थी, उसकी पहचान कर ली गई है।
शेखर सुयाल के अनुसार, अंकिता और उसके मित्र की चैट में जिस वीआईपी का जिक्र था, उसकी गहराई से पड़ताल की गई। जांच के दौरान नोएडा निवासी धर्मेंद्र उर्फ प्रधान का नाम सामने आया, जो जमीन खरीदने के सिलसिले में वहां गया था। अंकिता के दोस्त ने भी उसकी पहचान की, लेकिन अपराध में उसकी कोई भूमिका नहीं पाई गई। एसआईटी ने रिजॉर्ट के स्टाफ और अन्य गवाहों से पूछताछ के बाद उसे क्लीन चिट दी है।
पुलिस ने दोहराया कि अंकिता पर ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने का दबाव बनाया गया था। मुख्य आरोपियों ने खुद स्वीकार किया है कि अंकिता के मना करने पर ही उन्होंने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। शुरुआती पांच घंटों में ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चाओं में वीआईपी का मुद्दा लगातार बना हुआ था, जिसे पुलिस ने अब तथ्यों के साथ खारिज किया है।
वहीं, अब इस मामले में एक्ट्रेस उर्मिला सनावर के आरोपों ने नया मोड़ दे दिया है। उर्मिला ने फेसबुक लाइव के जरिए पूर्व विधायक सहित कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन दावों की जांच के लिए प्रशासन ने एक अलग एसआईटी का गठन किया है। पुलिस ने उर्मिला को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा है, लेकिन अभी तक उसका पता स्पष्ट नहीं हो पाया है।
