हल्द्वानी
हल्द्वानी में राजनाथ सिंह की जनसभा कल: भारी वाहनों की नो-एंट्री और रूट डायवर्जन लागू
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हल्द्वानी दौरे को लेकर रूट प्लान जारी। नैनीताल बैंक से सौरव होटल तक जीरो जोन। 21-22 मार्च को बस सेवाएं प्रभावित रहने की आशंका।
हल्द्वानी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शनिवार को होने वाले हल्द्वानी भ्रमण और प्रस्तावित विशाल जनसभा को लेकर पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए शनिवार सुबह 10 बजे से कार्यक्रम की समाप्ति तक शहर के प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने जनता से अपील की है कि असुविधा से बचने के लिए तय रूट प्लान का ही पालन करें।
प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से नैनीताल बैंक तिराहा से सौरव होटल तिराहा तक के क्षेत्र को ‘जीरो जोन’ घोषित किया है। शनिवार सुबह 7 से 9 बजे के बीच शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा, जिले के सभी खनन गेट कल पूरी तरह बंद रहेंगे ताकि यातायात का दबाव कम किया जा सके। आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को भी मुख्य मार्गों के बजाय बाईपास रास्तों से भेजा जाएगा।
पर्वतीय क्षेत्रों और मैदानी रूटों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बरेली और रामपुर रोड से आने वाली रोडवेज बसें सीधे स्टेशन पहुंचेंगी, लेकिन पहाड़ों से आने वाली बसें नारीमन से डायवर्ट होकर गौलापार और तीनपानी होते हुए स्टेशन आएंगी। कालाढूंगी रोड से आने वाले वाहनों को ऊंचापुल-पनचक्की मार्ग का उपयोग करना होगा। बरेली रोड के वाहनों को तीनपानी से गौलापार होकर भेजा जाएगा, जबकि रामपुर रोड के वाहन दिनेशपुर मोड़ और लालकुआं होते हुए निकलेंगे।
प्रशासन ने इस जनसभा में 25 से 30 हजार लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 1000 से अधिक बसों और 150 छोटी टैक्सियों की व्यवस्था की गई है। भारी संख्या में वाहनों के अधिग्रहण के कारण 21 और 22 मार्च को सामान्य परिवहन सेवाएं प्रभावित रहने की आशंका है। आरटीओ प्रवर्तन के अनुसार, केमू (KMOU), रोडवेज और निजी ऑपरेटरों की बसों को जनसभा के लिए आरक्षित किया गया है।
हालांकि, परिवहन व्यवस्था को लेकर कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। केमू के अधिशाषी निदेशक हिम्मत सिंह नयाल ने पिछले सरकारी आयोजनों के लाखों रुपये बकाया होने का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि पुराने भुगतान न होने से ऑपरेटरों में असमंजस की स्थिति है। इसके बावजूद, प्रशासन जनसभा को हरिद्वार के पिछले कार्यक्रम से भी बड़ा और भव्य बनाने की तैयारियों में जुटा हुआ है।
