देहरादून
उत्तराखंड के अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी, देहरादून और हरिद्वार में हड़कंप
उत्तराखंड के जिला न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप। देहरादून और हरिद्वार कोर्ट परिसर में सुरक्षा कड़ी, बम निरोधक दस्ते ने चलाया सघन चेकिंग अभियान।
देहरादून/हरिद्वार: उत्तराखंड में न्यायपालिका के परिसरों को निशाना बनाने की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को लगातार तीसरे दिन राजधानी देहरादून जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। जिला जज कार्यालय की ओर से सूचना मिलते ही पुलिस ने न्यायालय परिसर की सुरक्षा अभेद्य कर दी है।
देहरादून ही नहीं, बल्कि हरिद्वार जिला न्यायालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भी मंगलवार को एक धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ था। इस मेल के बाद बुधवार सुबह से ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता (BDDS) मुस्तैद दिखाई दिया। एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीमों ने कोर्ट के कोने-कोने को खंगाला। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने इस संबंध में एसएसपी को औपचारिक पत्र भी भेजा है।
पिछले दो दिनों के भीतर उत्तराखंड के लगभग सभी प्रमुख जिलों—उत्तरकाशी, हरिद्वार, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़—की अदालतों को ऐसी ही धमकियाँ मिल चुकी हैं। हालांकि, इन सुरक्षा चुनौतियों के बीच मंगलवार को उत्तराखंड बार काउंसिल के 23 सदस्यों के चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गए। पुलिस प्रशासन इसे एक गंभीर साजिश के तौर पर देख रहा है।
अदालत परिसर में आने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति और लावारिस वस्तुओं की सघन तलाशी ली जा रही है। पुलिस ने अधिवक्ताओं और वादकारियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना कंट्रोल रूम को दें। डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते की टीमें नियमित अंतराल पर कोर्ट रूम और आसपास के क्षेत्रों में गश्त कर रही हैं।
उत्तराखंड पुलिस अब इन धमकी भरे ईमेल्स के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रेस करने में जुटी है। साइबर सेल की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन धमकियों के पीछे किसी शरारती तत्व का हाथ है या यह किसी बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा है। फिलहाल, सभी न्यायालयों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और स्थिति नियंत्रण में है।
