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अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

अल्मोड़ा में बाघ का आतंक: 21 वर्षीय नवविवाहिता को बनाया शिकार, मचा बवाल

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अल्मोड़ा के मोहान क्षेत्र में बाघ ने नवविवाहिता शालू को मार डाला। 6 माह में चौथी मौत से भड़के ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

अल्मोड़ा। जिले में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) से सटे मोहान रेंज में बाघ का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह डभरा सौराल गांव के घोड़ीधार तोक में बाघ ने 21 वर्षीय नवविवाहिता शालू पर हमला कर दिया। महिला जब अपने घर के पास स्थित खेत में गोबर डालने जा रही थी, तभी झाड़ियों में छिपे बाघ ने उसे दबोच लिया। बाघ महिला को जबड़ों में दबाकर दो किलोमीटर दूर जंगल में ले गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
स्थानीय निवासियों ने घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी और शालू की तलाश शुरू की। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मोहान के जंगल से नवविवाहिता का शव बरामद हुआ। शालू की गर्दन पर बाघ के दांतों के गहरे निशान थे और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसकी मौत हो चुकी थी। शादी के कुछ ही समय बाद हुई इस दुखद घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।
इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और शव को उठने नहीं दिया। बीते छह महीनों के भीतर बाघ के हमले में यह चौथी मौत है। इससे पहले 31 दिसंबर को बचुली देवी, 31 मार्च को खीम सिंह और 3 मई को महिपाल सिंह बाघ का शिकार बन चुके हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ दीपक सिंह ने मृतका के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करा दी है। क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए पिंजरे, ट्रैप कैमरे और ड्रोन तैनात किए गए हैं। इसके अलावा ट्रेंकुलाइजिंग गन से लैस त्वरित कार्य बल (QRT) और दो पशु चिकित्सकों को मौके पर तैनात किया गया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सुबह और शाम अकेले जंगल न जाने की अपील की है।
उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में लगातार बढ़ते वन्यजीवों के हमले गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। जब तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होते, तब तक ग्रामीणों की जान जोखिम में बनी रहेगी। क्षेत्रवासियों की मांग है कि हमलावर बाघ को जल्द से जल्द ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा जाए। वन विभाग को इस दिशा में ठोस योजना पर काम करना होगा ताकि बेकसूर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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